जमशेदपुर, जासं। कोविड 19 के दौर में देश के विभिन्न हिस्सों में आक्सीजन की किल्लत का सामना राज्य सरकारें कर रही हैं। इसके लिए रेलवे आक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर उनकी मदद कर रही है। वहीं रेलवे की ओर से जो अस्पताल रेल कर्मचारियों के लिए संचालित है उनमें भी अब रेलवे आक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित कर रहा है।

रेलवे वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित 86 रेल अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है। इनमें चार आक्सीजन संयंत्रों ने काम करना शुरू कर दिया है जबकि 52 में काम जारी है और 30 अस्पतालों में चरणवार काम होना बाकी है। इसके अलावा रेलवे कोविड वार्ड में बेड की संख्या को भी 2539 से बढ़ाकर 6972 कर रहा है। साथ ही वेंटीलेटरों की संख्या को भी 62 से बढ़ाकर 296 किया गया है। इसके अलावा आइसीयू बेड की संख्या को भी 273 से बढ़ाकर 573 कर दी गई है। रेलवे बोर्ड का कहना है कि आक्सीजन जनरेशन प्लांट को मंजूरी देने के लिए सभी जोन के महाप्रबंधकों को दो करोड़ रुपये तक के मामले स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है ताकि काम को सहीं समय पर पूरा किया जा सके।

ये बढाइ जा रही है सुविधाएं

भारतीय रेल के अधिकारियों का कहना है कि कोविड 19 के खिलाफ हम अपनी लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। रेलवे एक ओर आक्सीजन एक्सप्रेस का ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से संचालन कर रहा है तो दूसरी ओर यात्री व माल ढुलाई की उनकी आवाजाही जारी है। साथ ही रेलवे अपनी इन हाउस स्वास्थ्य सेवाओं में भी मूलभूत इंफ्रास्ट्रक्चर में और बढ़ोतरी कर रहा है। इसके अलावा रेलवे अस्पतालों में महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण जैसे बीआईपीएपी मशीन, ऑक्सीजन कंसंटेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे ने यह भी निर्देश जारी किया है कि कोविड प्रभावित कर्मचारियों को जरूरत के हिसाब से रेफरल के आधार पर पैनल में शामिल अस्पतालों में भर्ती किया जा सकता है।

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