जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। टाटा मोटर्स में 55 साल से ज्यादा उम्र वाले कर्मचारियों को काम से बैठाने के बाद यहां कई विभागों में मैनपावर कम हो गया है।

कंपनी में 55 से ज्यादा उम्र के कार्यरत स्थायी, अस्थायी व ठेका मजदूरों को काम पर आने से मनाही कर दी गई है। ऐसे में इनके स्थान पर नये मजदूरों को काम देने से पूर्व उनकी मेडिकल कराना अनिवार्य है। डिवीजनवार अस्थायी मजदूरों  को काम पर बुलाया गया है उससे पूर्व उन्हें कोरोना को देखते हुए पूरी  तरह फिट होकर कंपनी में  योगदान देना है। ऐसे में  और दो-तीन दिन कंपनी में मजदूरों की संख्या कम दिखेगी। ऐसे में कई जगह दो लाइन को मिलाकर एक ही लाइन पर काम हो रहा है। इससे उत्पादन प्रभावित नहीं होगा तथा कर्मचारियों की संख्या में भी सामंजस्य बरकरार  रहेगा। प्लांट वन में जहां दो लाइन है, वहां भी बुधवार को एसेंबली लाइन वन व टू के कर्मचारियों को मिलाकर एक ही लाइन पर काम कराया गया है। यहां फिलहाल दो पाली में ही काम हो रहा है।

दूसरे दिन भी जुस्को के ठेका कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार

टेल्को कॉलोनी में सिविल मेंटेनेेंस का काम जुस्को द्वारा कराया जाता है। टाटा मोटर्स में  55 साल से ज्यादा उम्र वाले मजदूरों को काम से बैठाने क बाद यहां जुस्को के ठेका मजदूरों पर भी वहीं फरमान जारी हुआ है। इस पर ठेका मजदूर बिफरे हुए हैं, उनका कहना है कि टाटा मोटर्स के मजदूरों को घर पर बैठाकर पैसा दिया जायेगा, लेकिन 55 साल से अधिक उम्र वाले ठेका मजदूरों का क्या होगा। उन्हें तो  बगैर काम किए पैसा नहीं मिलेगा। फिर उनका परिवार कैसे चलेगा।

इसके अलावे ठेका कर्मियों को जून का वेतन नहीं मिला है। साथ ही 60 साल के बाद मजदूरों को सेटलमेंट के नाम पर कुछ भीनहीं मिलता है। इसी मुद्दे को लेकर जुस्को के ठेका मजदूर गुरुवार को भी हड़ताल रहे , कॉलोनी में सिविल मेंटेनेंस का काम नहीं ह्रुआ। कांग्रेस नेता आनंद बिहारी  दूबे मजदूरों से मिलकर उनका हौसला आफजाई किया। जुस्को प्रबंधन की ओर से कोई अधिकारी मजदूरों से बातचीत करने नहीं आया।  पिछले बुधवार को भी मजदूरों ने जुस्को कार्यालय के निकट बैठकर अपना विरोध जताया था। 

Posted By: Vikas Srivastava

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