टाटा स्टील में आज से कॉर्पोरेट एनपीएस की शुरुआत, 25 हजार कर्मचारियों को मिलेगा हर महीने 1000 रुपये का लाभ
टाटा स्टील ने कॉर्पोरेट एनपीएस योजना शुरू की है, जिससे 25,000 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। कर्मचारी हर महीने 1,000 रुपये का लाभ या सीधे एनपीएस का विकल्प चुन सकते हैं।

जून में हुए वेतन समझौते के दौरान कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच इस कॉरपोरेट एनपीएस को लागू करने पर सहमति बनी थी।
HighLights
टाटा स्टील में कॉर्पोरेट एनपीएस योजना का शुभारंभ।
25,000 कर्मचारियों को ₹1000 मासिक या एनपीएस लाभ।
टैक्स छूट, निवेश स्वतंत्रता और सेवानिवृत्ति सुरक्षा।
जासं, जमशेदपुर। टाटा स्टील में मंगलवार से कॉर्पोरेट नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का शुभारंभ किया जा रहा है। इस योजना के तहत कर्मचारियों के पास बेहतरीन विकल्प होगा।
वे सेवानिवृत्ति स्कीम के रूप में सीधे एनपीएस का लाभ चुनें या प्रतिमाह 1,000 रुपये अपने ग्रॉस वेतन में प्राप्त करें।
इसी साल जून में हुए वेतन समझौते के दौरान कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच इस कॉरपोरेट एनपीएस को लागू करने पर सहमति बनी थी।
इसके तहत प्रबंधन कर्मचारियों के एनपीएस खाते में प्रतिमाह 1,000 रुपये का अंशदान देगा। खास बात यह है कि ईपीएस-95 (EPS-95) योजना का लाभ ले चुके कर्मचारी भी इस नई सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
इस स्कीम के लॉन्चिंग के अवसर पर मंगलवार शाम चार बजे से ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
पेंशन फंड नियामक व विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा संचालित यह कॉर्पोरेट एनपीएस निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए देश की सबसे कम लागत वाली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति बचत योजना है।
इसका लाभ टाटा स्टील जमशेदपुर, टिनप्लेट, टिस्को ग्रोथ शॉप, टाटा स्टील गम्हरिया समेत समूह के सभी लोकेशन के लगभग 25, हजार कर्मचारियों को मिलेगा।
टैक्स छूट और निवेश की पूरी आज़ादी कर लाभ
एनपीएस के तहत कर्मचारी के स्व-योगदान पर आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1B) के अंतर्गत अतिरिक्त 50,000 रुपये तक की छूट मिलती है। इसके अलावा, नियोक्ता अपने अंशदान को धारा 80CCD(2) के तहत बिजनेस खर्च के रूप में दिखा सकते हैं।
- निवेश के विकल्प: कर्मचारियों को एक्टिव चॉइस या ऑटो चॉइस के जरिए इक्विटी और डेट (बांड) में निवेश करने की पूरी स्वतंत्रता होगी। नौकरी बदलने पर परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) को आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है।
- निकासी के नियम: टियर-1 अनिवार्य रिटायरमेंट पेंशन खाता है, जिसमें नियमों के तहत आंशिक निकासी संभव है। वहीं, टियर-2 एक स्वैच्छिक बचत खाता है, जिससे बिना किसी लॉक-इन के कभी भी राशि निकाली जा सकती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर कुल जमा राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा टैक्स-फ्री एकमुश्त निकाला जा सकता है, जबकि शेष राशि से जीवनभर पेंशन के लिए वार्षिकी (Annuity) खरीदनी होती है।