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टाटा स्टील कंपनी को बड़ी राहत, अब नहीं देना होगा ₹427 करोड़ का टैक्स

Published: Tue, 29 Sep 2026 11:30 PM (IST)

टाटा स्टील को आयकर अपीलीय अधिकरण (आईटीएटी) से बड़ी राहत मिली है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2008-09 के लिए लगभग 427 ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. आईटीएटी ने टाटा स्टील को 427 करोड़ रुपये की कर राहत दी।

  2. कोरस अधिग्रहण के ब्याज व्यय पर कटौती का दावा वैध ठहराया।

  3. वित्तीय वर्ष 2008-09 के लिए कंपनी को बड़ी सफलता मिली।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। आयकर के मोर्चे पर टाटा स्टील को बड़ी सफलता मिली है। आयकर अपीलीय अधिकरण (आइटीएटी) ने वित्तीय वर्ष 2008-09 के मामले में कंपनी के पक्ष में निर्णय देते हुए लगभग 427 करोड़ रुपये (5.1 करोड़ डालर) की संभावित कर देनदारी घटा दी है।

कंपनी द्वारा शेयर बाजार को दी गई सूचना के मुताबिक, अधिकरण ने कोरस ग्रुप पीएलसी के अधिग्रहण के लिए लिए गए कर्जों के ब्याज व्यय पर आयकर अधिनियम के तहत कटौती के दावे को विधि सम्मत ठहराया है।

12 साल लंबी कानूनी लड़ाई का पटाक्षेप

विवाद की जड़ें जनवरी 2014 से जुड़ी हैं, जब आयकर उपायुक्त ने कंपनी के 813.65 करोड़ रुपये के ब्याज कटौती के दावे को निरस्त कर दिया था। इसके विरुद्ध टाटा स्टील ने फरवरी 2014 में अधिकरण में गुहार लगाई थी।

जून 2026 में अंतिम सुनवाई पूरी होने के बाद अधिकरण ने 18 सितंबर 2026 को कंपनी के पक्ष में आदेश पारित किया। इससे पहले चालू वर्ष के फरवरी माह में वित्तीय वर्ष 2007-08 के संदर्भ में भी ऐसा ही अनुकूल निर्णय आया था।

कोरस अधिग्रहण पृष्ठभूमि और भावी राहत

गौरतलब है कि वर्ष 2007 में टाटा समूह ने भारतीय कारपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा विदेशी सौदा करते हुए एंग्लो-डच कंपनी कोरस का अधिग्रहण किया था। इसके वित्तपोषण के लिए जुटाए गए कर्ज पर चुकाए जाने वाले ब्याज को लेकर आयकर विभाग से विवाद छिड़ा हुआ था।

इस ताजा फैसले के बाद वित्तीय वर्ष 2008 से 2015 की अवधि में कंपनी का कुल कर दायित्व 1,901 करोड़ रुपये से घटकर 1,259 करोड़ रुपये पर आ गया है।

कर निर्धारण अधिकारी के अंतिम आदेश के बाद इसे वित्तीय विवरणों में शामिल किया जाएगा। यह निर्णय वर्ष 2010 से 2015 तक के लंबित कर मामलों में भी कंपनी का पक्ष मजबूत करेगा।

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