टाटा स्टील की कैंटीन में अब नाश्ता नहीं होगा खत्म, कर्मचारियों को एक दिन पहले करनी होगी बुकिंग
टाटा स्टील के कैंटीनों में अब नाश्ते की भी प्री-बुकिंग शुरू होगी, जिससे 15 हजार से अधिक कर्मचारियों को सुविधा ...और पढ़ें

टाटा स्टील की फाइल फोटो।
HighLights
टाटा स्टील कैंटीन में नाश्ते की प्री-बुकिंग शुरू होगी।
15 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा इसका लाभ।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा स्टील में संचालित कैंटीनों में जल्द ही नाश्ता की भी प्री-बुकिंग होगी। कैंटीन मैनेजमेंट इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी में 15 बड़े कैंटीन व 104 ट्राली प्वाइंट हैं जहां प्रतिदिन लगभग 15 हजार से अधिक स्थायी व ठेका कर्मचारी भोजन करते हैं।
टाटा स्टील में अब तक दोपहर व रात के भोजन के लिए कर्मचारी एक दिन पहले ही कंपनी के वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग करा लेते हैं कि उन्हें कौन सा खाना पसंद है। कर्मचारियों की ओर से पहले से प्राप्त इसी आर्डर के आधार पर दोपहर व रात का भोजन तैयार होता है।
यही व्यवस्था कैंटीनों में मिलने वाले उबला अंडा के लिए भी है लेकिन अब इस व्यवस्था को सुबह के नाश्ते में भी प्रयोग में लाया जाएगा। सेंट्रल कैंटीन मैनेजमेंट कमेटी की जल्द ही बैठक होने वाली है जिसमें इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही ब्लैक कॉफी, झालमूढ़ी, दलिया सहित अन्य नए व्यंजनों की दर भी तय की जाएगी।
नाश्ता खत्म होने की परेशानी से मिलेगी निजात
टाटा स्टील में कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी दो बड़े वेंडर, शौर्या इन व सीएसएस एजेंसी के पास है। आमतौर पर अधिकतर कर्मचारी दोपहर या रात का खाना नहीं खाते। वे अपने साथ इसके लिए टिफिन लेकर आते हैं लेकिन वे सुबह व शाम का नाश्ता जरूर करते हैं।
कई बार नाश्ते में इडली, उपमा, पूरी, मिक्चर, स्वीट बन, सेव-बूंदी, चूडा-बदाम, प्याज पकौड़ा सहित अन्य व्यंजन देखने पर वे तत्काल खरीदकर तो खाते हैं लेकिन कई बार शिकायत मिलती है कि अचानक आई भीड़ के कारण नाश्ता कम पड़ गया।
इसी समस्या के समाधान के लिए अब कर्मचारियों को एक दिन पहले ही बताना होगा कि वे सुबह या शाम के नाश्ते में कौन सा व्यंजन खाना चाहते हैं ताकि इसकी पहले से तैयारी की जा सके और बिना किसी व्यवधान के कर्मचारियों को परोसा जा सके।
