जमशेदपुर : टाटा समूह वैश्विक महामारी कोविड-19 से देश को बचाने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। 2000 करोड़ रुपये दान देने वाले यह देश भर में आक्सीजन की भी आपूर्ति कर रही है। अब मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल हॉस्पीटल (टीएमएच) ने अमेरिका से 5000 आक्सीजन कंसंट्रेटर आयात किया है, जिसे देश भर के 60 अस्पतालों में वितरित किया गया। यह पिछले दस दिनों में कई डॉक्टरों, अमेरिकी अस्पतालों, परोपकारी, गैर सरकारी संगठनों, एयर इंडिया और फेडेक्स के सहयोग से ऐसा किया गया है। रविवार को एयर इंडिया की एक फ्लाइट से मुंबई में 3400 कंसंट्रेटर्स और तीन लाख मास्क लाए और दूसरी फ्लाइट ने 400 कंसंट्रेटर्स को दिल्ली लाया।

25 शहरों के 60 अस्पतालों में वितरित का आक्सीजन कंसंट्रेटर्स

टाटा मेमोरियल अस्पताल के निदेशक डॉ. सी एस परमार ने बताया कि हमने सभी मेडिकल उपकरण को 25 शहरों के अस्पतालों के बीच वितरित किया। इनमें अधिकतर वैसे अस्पताल हैं जो नेशनल कैंसर ग्रिड से जुड़े हुए हैं।

अमेरिका के अस्पताल ने दिया दान

यह प्रक्रिया पहली बार तब शुरू हुई जब लॉस एंजिल्स के एक अस्पताल ने भारत को 20 कंसंट्रेटर दान करने का अाफर दिया। अमेरिकी में रहने वाले डॉ. नरेश रामाराजन ने बताया, लॉस एंजेल्स में कोविड की पहली लहर के दौरान कंसेंट्रेटर का उपयोग किया गया था। अमेरिकी अस्पताल ने निर्णय लिया कि इन कंसेंट्रेटर्स को वैसे देश को दान किया जाए जहां इसकी जरुरत है। हमने कंसेंट्रेटर्स को भारत भिजवाया। इसके बाद तो दानदाताओं की लाइन लग गई।

एयर इंडिया ने स्टॉक लाने में मदद की

टाटा हॉस्पीटल के पोर्टल नव्या के सह संस्थापक गीतिका श्रीवास्तव ने बताया, हमने अमेरिका के उद्यमी समुदाय, परोपकारी और गैर सरकारी संगठनों से संपर्क किया तो उन्होंने उत्साहपूर्वक मदद करने की हामी भरी। दान के माध्यम से हम जितने कंसंट्रेटर्स खरीद सकते थे, वह 5000 तक पहुंच गए। बहुत से लोग लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और भारत में फ्लाइट की व्यवस्था करने में हमारी मदद करने के लिए तैयार थे। एयर इंडिया ने सभी उपकरण को भारत लाने में मदद की।

सभी ने की मदद

टीएमसी में महामारी विज्ञान के उप निदेशक डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा, मेरे पास कभी कस्टम, एयरलाइंस व कार्गो से निबटने का अनुभव नहीं रहा। जब पहली बार मेडिकल उपकरण की खेप दिल्ली पहुंचा तो हमारे कस्टर क्लीयरिंग एजेंट के पिता गुजर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने फोन पर स्टॉक को क्लीयर करने में मदद की। उन्होंने कहा कि इस तरह की मदद हर कोई कर रहा है।

डॉ. राजेंद्र बडवे ने कहा, यह पूरी प्रक्रिया इतनी तेजी से आगेे बढ़ी कि इसने अस्पताल में सभी को चौंका दिया। टीएमसी ने सभी अस्पतालों से जुड़ने की योजना बनाई है, ताकि यह पता लगाया जा सके, जहां मेडिकल उपकरण पहुंच रहे हैं, वहां कितने मरीजों को इसका लाभ मिला।