जमशेदपुर, जासं। टाटा के स्वामित्व वाली ई-किराना कंपनी बिगबास्केट (BigBasket) शुक्रवार 26 नवंबर से जमशेदपुर में खुल रहा है, जबकि इससे पहले इसके फ्रेशो (Fresho) ब्रांड के तहत बेंगलुरू में खुल चुके हैं। कंपनी की योजना चार वर्ष में 800 स्टोर खोलने की है। बिगबास्केट का यह स्टोर पूरी तरह से टेक्नो-फ्रेंडली होगा, जिसमें कोई कैशियर नहीं होगा। यहां ग्राहकों को ऑनलाइन ऑर्डर किए गए सामान लेने का विकल्प भी मिलेगा।

बिगबास्केट के को-फाउंडर व सीईओ हरि मेनन ने एक अखबार को बताया कि फ्रेशो स्टोर्स में ताजा उपज का स्टॉक होगा। कई ग्राहक अब भी फल और सब्जियां खरीदने के लिए "टच एंड फील" अनुभव चाहते हैं। इसमें डेयरी व मटन-चिकेन की सुविधा भी शुरू करने की योजना है।

दो वर्ष में 200 स्टोर खुल जाएंगे

बिगबास्केट वित्तीय वर्ष 2023 तक लगभग 200 स्टोर और वित्तीय वर्ष 2026 तक 800 स्टोर खोलने की योजना है। फ्रेशो को लगभग 500 मिलियन नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने कभी ऑनलाइन किराने का सामान नहीं खरीदा है। बिगबास्केट को कुछ वर्षों में ऑफलाइन स्टोर 1.5 अरब डॉलर का व्यवसाय तक पहुंच सकता है।

टाटा ने इस साल की शुरुआत में दो अरब डॉलर के मूल्यांकन पर बिगबास्केट में 64 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। हरि मेनन ने टाटा को बेचने के बाद अपनी पहली उपस्थिति में बताया कि बिगबास्केट 2026 तक 8-8.5 अरब डॉलर के राजस्व को हासिल कर सकता है।

किसानों के साथ मिलकर प्रतिस्पर्धी रखेगी कीमत

बिगबास्केट बाजार से आगे रहेगा और हमेशा कीमत प्रतिस्पर्धी रहेगी। यह स्टोर के लिए अपनी योजना पर एक साल से अधिक समय से काम कर रहा है। टाटा के साथ सौदे से पहले हरि मेनन और उनकी टीम ने हमेशा किसानों के साथ सीधे काम करने में विश्वास किया है।

मेनन कहते हैं कि हमें फ्रेशो स्टोर्स में आपूर्ति करने वाले 30,000 किसानों के साथ हमारी पता लगाने की क्षमता सही है। फल या सब्जी खरीदने वाला ग्राहक उसकी आपूर्ति करने वाले किसान की फोटो भी देख सकेगा। स्टोर में हम उस किसान की कहानी भी बताएंगे।

Edited By: Jitendra Singh