Tata Motors का ग्लोबल मास्टरस्ट्रोक: इवेको अधिग्रहण के बाद अब भारत में भी मचेगी भारी वाहनों की धूम, जल्द होगी मैन्युफैक्चरिंग
टाटा मोटर्स ने इटली की दिग्गज वाणिज्यिक वाहन निर्माता इवेको ग्रुप का अधिग्रहण कर लिया है और अब उसके चुनिंदा उत्पादों का निर्माण भारत में करने की तैयारी में है।

इटली के तूरिन में आयोजित वैश्विक प्रेस वार्ता में टाटा संस और टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने लिया भाग।
HighLights
टाटा मोटर्स ने इवेको ग्रुप का अधिग्रहण किया।
चुनिंदा इवेको उत्पादों का भारत में होगा निर्माण।
यह साझेदारी वैश्विक विकास को नई गति देगी।
जासं, जमशेदपुर । इटली की दिग्गज वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी इवेको ग्रुप के अधिग्रहण के बाद टाटा मोटर्स अब उसके चुनिंदा उत्पादों का निर्माण भारत में करने की तैयारी कर रही है।
इटली के तूरिन में आयोजित वैश्विक प्रेस वार्ता में टाटा संस और टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने ऐलान किया कि दोनों कंपनियां ऐसे उत्पादों को चिह्नित कर रही हैं, जिनका उत्पादन भारत में किया जाएगा।
चंद्रशेखरन ने जोर देकर कहा कि इस ऐतिहासिक साझेदारी से दोनों छोर (भारत और वैश्विक बाजार) पर विकास को नई गति मिलेगी और यह दोनों कंपनियों की औद्योगिक विरासत व अत्याधुनिक तकनीक का संगम साबित होगा।
तकनीक और पैमाना दोनों मिलकर रचेंगे नया इतिहास
चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने साझेदारी के प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि यह गठजोड़ हमारी पूर्व कल्पना से भी कहीं अधिक विशाल है। वाणिज्यिक वाहन उद्योग में तकनीक के साथ-साथ उत्पादन का पैमाना भी बेहद अहम है।
दोनों कंपनियों के एक साथ आने से 130 से अधिक देशों में फैला एक नया वैश्विक दिग्गज खड़ा हुआ है। इस संयुक्त कारोबार से 73 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
27 संयंत्रों के जरिए सालाना करीब छह लाख वाहनों का उत्पादन होगा। इसका वार्षिक राजस्व 22 अरब यूरो (लगभग 24 अरब डॉलर) के पार पहुंचने का अनुमान है।
तूरिन में ही रहेगा मुख्यालय, एफपीटी इंडस्ट्रियल बना अनमोल रत्न
चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि इवेको का मुख्यालय तूरिन में ही बना रहेगा और उसके इतालवी कारखानों व ब्रांड की पहचान से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।
उन्होंने इवेको के पावरट्रेन डिवीजन एफपीटी इंडस्ट्रियल को इस सौदे का अनमोल रत्न बताया। टाटा मोटर्स ने लगभग 3.43 अरब यूरो में इवेको की 89.42 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है।
यह 2008 में जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) के बाद कंपनी का सबसे बड़ा वैश्विक अधिग्रहण है। चंद्रशेखरन खुद इवेको के चेयरमैन बने हैं, जबकि ओलोफ पर्सन इसके सीईओ पद पर बने रहेंगे।