जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : शहर में टाटा लीज व सबलीज से संबंधित मामलों की समीक्षा के लिए उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें एसडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इसमें कहा गया कि टाटा स्टील द्वारा विभिन्न लीज धारकों को टाटा लीज के तीन प्रावधानों के तहत भूमि आवंटित की गई है। इसकी गहन जांच के लिए अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) धालभूम चंदन कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी से लंबित मामलों की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है। आज की बैठक में अपर उपायुक्त सौरव कुमार सिन्हा, अपर जिला दंडाधिकारी नंदकिशोर लाल, अनुमंडल अधिकारी धालभूम व अंचल अधिकारी जमशेदपुर भी उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि इससे पहले पूर्व उपायुक्त अमिताभ कौशल टाटा लीज के 59 सबलीज मामलों की जांच करके राज्य सरकार को प्रतिवेदन सौंप चुके हैं। इस दौरान शहर के विभिन्न संगठनों ने सबलीज आवंटन रद करने की मांग की थी। आरोप लगा था कि नियमों की अनदेखी करके सबलीज आवंटन से राज्य सरकार को 4700 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ था। इस मामले में सीएजी ने भी लीज डीड के नियमों व शर्तो के अधीन राजस्व वसूली के लिए सरकार से कठोर कदम उठाने की सलाह दी थी।

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पांच साल में हुई अवैध बिक्री

सीएजी ने वर्ष 2010-11 से 2014-15 के बीच निबंधित जमीनों में से 250 सेल-डीड की जांच की थी। इसमें पाया गया कि टाटा लीज क्षेत्र वाले क्षेत्र के 4.31 एकड़ में 23 सेल-डीड का निबंधन अवैध ढंग से हुआ। यह बिक्री टाटा स्टील के सबलीजी द्वारा किए गए, जबकि नियम के मुताबिक ऐसा नहीं किया जा सकता है। सिर्फ 23 सेल-डीड से सरकार को 26.76 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान हुआ, जबकि 59 सबलीज से 4700 करोड़ की क्षति हुई।

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बैंक नहीं देते होम लोन

टाटा लीज का मामला उजागर होने के बाद से ही शहर के बैंक लीज क्षेत्र में रहने वाले को होम-लोन नहीं देते हैं। बैंक आज भी इस मामले में सख्त रवैया अपनाए हुए हैं।

Posted By: Jagran

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