जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा कमिंस प्रबंधन की पहल के बावजूद यूनियन चुनाव होता नहीं दिख रहा है। यूनियन के नेता आपस में एक नहीं हो रहे हैं। यहीं कारण है कि किसी मुद्दे पर न तो बात होती है और नहीं आगे की प्रक्रिया बढ़ती है। एक बार फिर यूनियन की कमेटी मीटिंग फ्लॉप हो गई। प्रबंधन के दबाव पर टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन चुनाव की प्रक्रिया तय करने के लिए सोमवार को बुलाई गई कमेटी मीटिंग फ्लॉप हो गई।

सोमवार को स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य रामाकांत करूआ ने नोटिस जारी किया था जिसमें उन्होंने चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए दोपहर 2.30 बजे कमेटी मीटिंग आयोजित करने की बात कही थी। कमेटी मीटिंग में तय समय पर सिर्फ आठ सदस्य ही पहुंचे जिसमें एहसान अहमद सिराजी, मनोज कुमार सिंह, अंजय सिंह, रामाकांत करूआ, अविनाश अनुपम, चन्द्रभूषण पांडेय, प्रकाश महतो और दीपतेंदु चक्रवर्ती के नाम शामिल हैं। उपस्थित सदस्यों ने शेष कमेटी मेंबरों के पहुंचने का करीब 45 मिनट इंतजार किया। आखिरकार दोपहर 3.15 बजे य़ह कह्ते हुए मीटिंग स्थगित कर दी गई कि जब तक सभी 18 कमेटी मेंबर कमेटी मीटिंग में उपस्थित नहीं रहेंगे तब तक चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इसके बाद फिर नोटिस जारी करने पर फैसला लेकर कमेटी मीटिंग समाप्त कर दी गई।

क्या है बैठक में उपस्थित नहीं होने का कारण

इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीसंजीवा रेड्डी के नोटिफिकेशन से इतर प्रबंधन ने यूनियन को आंतरिक स्तर पर चुनाव कराने के लिए कहा है। जिसके लिए कुछ सदस्यों को जिम्मेदारी भी दे दी गयी है। लेकिन बताया जा रहा है कि अधिकांश कमेटी मेंबर इसके पक्ष में नहीं हैं। सोमवार की कमेटी मीटिंग के फ्लॉप होने के पीछे यही वज़ह बताया जा रहा है। दूसरी ओर चुनाव पर्यवेक्षक अमित यादव ने 21 अक्टूबर को दिल्ली में जी संजीवा रेड्डी से मिलकर चुनाव प्रक्रिया पर दिशानिर्देश लेकर जमशेदपुर पहुंचने की बात कही है।

Edited By: Rakesh Ranjan