जमशेदपुर, जासं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती लौहनगरी जमशेदपुर में धूमधाम से मनाई गई। शहर के साकची स्थित आमबगान मैदान में भाजपा समेत तमाम राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की, जबकि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य व आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता ने कदमा में नेताजी को नमन किया। रविवार सुबह 10.30 बजे कदमा के उलियान मेन रोड स्थित नेताजी सुभाष पार्क के समीप नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

राष्ट्र अपने नेताजी के क़ुर्बानी को सदैव याद रहेगा : काले

शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था नमन द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आमबगान मैदान स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धासुमन अर्पित की गई। इस मौके पर नमन के संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रप्रेम, अदम्य साहस, नेतृत्व कौशल की प्रतिमूर्ति थे। इसके साथ ही वे असाधारण वक्ता थे, जिनकी ओजस्वी बातों से हज़ारों लाखों युवा मां भारती की चरणों में अपना सर्वस्व बलिदान हेतु तत्पर हो जाते थे। वे खुद तो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल थे ही साथ ही अन्यों के लिए भारतीय राष्ट्रीय सेना में शामिल होने और भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए स्वतंत्र भारत के लिए लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत बने। झारखंड भी नेताजी की कर्मभूमि रही है, स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता।संपूर्ण राष्ट्र उनका कृतज्ञ रहेगा।

इनकी रही उपस्थिति

राष्ट्र महानायक को अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए कोविड के तय दिशा-निर्देशों का ध्यान रखकर नमन के राघवेंद्र शर्मा, जसवंत सिंह भोमा, डीडी त्रिपाठी, सुखविंदर सिंह निक्कू, पीएन पांडे, बिपिन झा, संदीप सिंह पप्पू, उपेंद्र कुमार, राजेश सिंह, लाला जोशी, राजपती देवी, स्वाति मित्रा, अनीशा सिन्हा, कल्याणी पाठक, डी मनी, पप्पू राव, जूगुन पांडे, प्रिंस सिंह, बिभाष मजुमदार, नवीन तिवारी, टोनी सिंह, शेखर मुखी, दीपक सिंह,दीपक महतो, सुमन कुमार, विवेक कांमत, गणेश दुबे, सूरज पाल, पिंटू साव, सरबजीत सिंह टोबी, सूरज साह, विकास गुप्ता, रामशक्लू शुक्ला, मनोज हलदर, रामा राव, शशिकांत कुमार, सूरज चौबे, विक्रम सिंह, मनीष प्रसाद, प्रसेनजीत, विवेक मिश्रा सहित अन्य स्वयंसेवक शामिल हुए।

नेताजी आर्थिक आजादी चाहते थे, जो नहीं मिली : प्राउटिष्ट यूनिवर्सल

प्राउटिष्ट यूनिवर्सल, जमशेदपुर की ओर से रविवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर साकची स्थित आमबगान मैदान के एक छोर से पदयात्रा निकाली गई, जहां नेताजी की प्रतिमा के पास पहुंचकर बारी-बारी से नेताजी सुभाष चंद्रबोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। सभा को संबोधित करते हुए प्राउटिष्ट लाल बिहारी आनंद व गंगाधर दत्ता ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंग्रेजों से आर्थिक आजादी चाहते थे। राजनीतिक आजादी तो मिली, परंतु आर्थिक आजादी आज तक नहीं मिल पाई। उन्होंने कहा कि नेताजी के सोच और विचार उनके परिकल्पना पर चलने की जरूरत है नेताजी सुभाष चंद्र बोस का मानना था कि एक सच्चे सैनिक को सैन्य और आध्यात्मिक दोनों ही प्रशिक्षण की जरूरत होती है। नेताजी में सैन्य और आध्यात्मिकता कूट-कूट कर भरी थी। इस कार्यक्रम में धीरज देव सुधीर सिंह, लाल बिहारी आनंद, देवव्रत दत्ता सुनील सिंह, सुनील आनंद आशा देवी, बेला महतो तथा अन्य लोगों का सहयोग रहा।

121 दीप प्रज्वलित कर नेताजी की जयंती मनाई गई

कोरोना प्रोटोकॉल को मानते हुए हर साल की भांति इस वर्ष भी पोटका के कालिकापुर में  नेताजी की जयंती मनायी गयी। जिस कुर्सी पर नेताजी बैठे थे तथा जिस टेबल, टेबल क्लॉथ का आम सभा के दौरान उपयोग किया गया था, आम सभा की कमल लोचन भकत के द्वारा खींची गई फोटो पर माल्यार्पण किया गया। अनुपम कुमार भगत ने बताया कि मुझे गर्व है कि हमारा परिवार स्वतंत्रता सेनानी था जिन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ाइयां लड़ी और अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए। वही आज अपने पूर्वजों के चित्र पर माल्यार्पण कर काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।  मौके पर ग्राम प्रधान सुबोल चंद्र भकत, डॉ हिमांशु कुमार भकत, कुमुद रंजन भकत, अनुपम कुमार भकत, विवेक भकत, नेताजी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक हिमाद्रि संकर भकत, तनुश्री भकत, अपर्णा भकत, वर्षा भकत आदि उपस्थित थे।

Edited By: Rakesh Ranjan