जमशेदपुर,विश्वजीत भट्ट । Jharkhand Assembly Election 2019  विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई देते ही जमशेदपुर में नेताओं की सक्रियता बेहद बढ़ गई है। इसके साथ ही सियासी अटकलों को भी पर लग गए हैं। नेताओं की हर गतिविधि को चुनावी राजनीति से देखने और उसकी मन मुताबिक व्याख्या करने का सिलसिला तेज है। भाजपा समेत सभी प्रमुख दलों के भीतर यह स्थिति देखी जा रही है।

कुछ सप्ताह पहले जमशेदपुर पश्चिम से मौजूदा विधायक और राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने साकची में जनसंपर्क कार्यालय खोलकर एक तरह से चुनावी बिगुल फूंक दिया था। उनकी सक्रियता दिनों दिन परवान चढ़ रही है। जुबिली पार्क हो या कोई अन्य जगह, जमशेदपुर में रहने के दौरान सरयू अमूमन हर दिन सुबह की सैर को ही जनसंपर्क का सशक्त माध्यम बनाते दिख रहे हैं। उधर, भाजपा में सेकेंड लाइन के नेता भी अचानक टिकट पर टकटकी लगाए नजर आ रहे हैं। उनकी सक्रियता इसका संकेत भी दे रही है।

इन नेताओं की है सक्र‍ियता

पूर्व महानगर अध्यक्ष रामबाबू तिवारी इन दिनों जमशेदपुर पश्चिम पर फोकस किए हुए हैं। भाजपा के कार्यक्रमों से लेकर व्यक्तिगत जनसंपर्क तक के जरिए इलाके की सियासत को साध रहे हैं। इसी तरह एक अन्य पूर्व महानगर अध्यक्ष विनोद सिंह भी अचानक सक्रिय हो गए हैं। कुछ सप्ताह पहले उन्होंने मानगो से शहीद सम्मान यात्र निकाली थी। अभी एक दिन पहले उन्होंने मुर्शिदाबाद में संघ कार्यकर्ता की पत्‍नी व बच्चे के साथ हुई हत्या के खिलाफ मशाल जुलूस निकाला। सियासत के गलियारे में अटकलें तेज हैं कि राष्ट्रवाद के ज्वार में विनोद अपनी दावेदारी को दमदार बनाने की संभावना तलाश रहे हैं। इसी तरह एक अन्य पूर्व महानगर अध्यक्ष देवेंद्र सिंह भी अपने लंबे जुड़ाव और बड़े नेताओं से व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से जमशेदपुर पश्चिम की सीट पर नजरें गड़ाए हुए हैं। उनकी सक्रियता बढ़ गई है।

बलमुचू भी बैठा रहे गोटी

दूसरी ओर, आम आदमी आदमी पार्टी के बैनर तले शंभु चौधरी तो बिल्कुल चुनाव प्रचार के अंदाज में कार्यक्रम पर कार्यक्रम किए जा रहे हैं। अमूमन हर रोज किसी न किसी इलाके में उनका कार्यक्रम हो रहा है। पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता के पक्ष में होर्डिग्स की श्रृंखला शहर की सड़कों पर देखी जा सकती है। कांग्रेस में रहते हुए भी कांग्रेस की ओर से होर्डिग्स नहीं लगाए जाने से अटकलें तेज हैं कि बन्ना का अगला सियासी धमाका क्या होगा? डॉ. अजय कुमार के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने के बाद रामेश्वर उरांव को बागडोर मिली है। उनकी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप बलमुचू के साथ घनिष्टता जगजाहिर है। ऐसे में बलमुचू से जुड़े कई कांग्रेसी नेता भी जमशेदपुर पश्चिम में अपनी गोटी बैठाने में जुट गए हैं।

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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