जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। गोलमुरी में पकड़े गए नशीली दवाओं के कारोबार करने वाले आरोपित गुरुवार को कई खुलासे किए। आरोपितों के पास से करीब 80 हजार रुपये भी दवा बरामद की गई। पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे लोग पटना के क्राउन एंड रूट्स फार्मास्यूटिकल से एक एजेंट के माध्यम से प्रतिबंधित नशीली दवा मंगाते थे।

जमशेदपुर में दवा को बागबेड़ा व जुगसलाई में स्टॉक किया जाता था। इसके बाद मानगो, कदमा, सोनारी, बिरसानगर, जुगसलाई, बर्मामाइंस, भुइयांडीह, काशीडीह, आदित्यपुर, साकची, एग्रिको, बिष्टुपुर सहित अन्य क्षेत्रों में सप्लाई करते है। इसके लिए 20 लोगों का एक ग्रुप बना हुआ है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राहक बनाते और उनके बीच में सप्लाई करते थे। चारों आरोपितों को जेल भेजा गया है। उनके खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का मामला दर्ज किया गया है। इसमें दस साल की सजा और दस लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।

लॉकडाउन के बाद बढ़ गई नशीली दवा की मांग

 लॉकडाउन के बाद नशीली दवा की मांग बढ़ गई थी। इसे देखते हुए एक लाख 44 हजार ट्रमाडोल के टैबलेट व एक लाख 20 हजार एल्ट्रोजोलम टैबलेट मंगाया गया था। इसकी लागत लगभग 20 लाख रुपये है। ट्रमाडोल पेन किलर है। अधिक खाने के बाद नींद आती है। एल्ट्रोजोलम तनाव नियंत्रित करने की दवा है। इसका ज्यादा सेवन करने से नशा होता है। एक टैबलेट की कीमत साढ़े चार रुपये पड़ता है और उसे युवाओं के बीच में 45 से 50 रुपये में बेचा जाता है।

विगत 28 जून को आदित्यपुर थाना भवन के गेट से बंधे गिरफ्तार ब्राउन शुगर के आरोपित युवक

अब सिरप नहीं, टैबलेट हो रहा उपयोग

आरोपितों ने यह भी खुलासा किया कि नशे के लिए अब सिरप के बजाए टैबलेट अधिक उपयोग हो रहा है। दवा कंपनियां भी टैबलेट बनाने पर जोर दे रही हैं। पहले कोडिन फाॉस्फेट दवा सिरप में आती थी जो कोरेक्स सिरप, फेंसिडिल, तोस्सेक्स, कोडिस्टार सिरप  जैसे नाम से बाजार में बिकती थी। इसके खिलाफ देशभर में सख्ती से कार्रवाई होने के बाद दवा कंपनियां सिरप की जगह टैबलेट व कैप्सूल बनाकर बाजार में उतारने लगी है। 

सस्ता होने की वजह से बढ़ रहा कारोबार

सिरप की जगह टैबलेट व कैप्सूल काफी सस्ता पड़ रहा है। एक बोतल सिरप की कीमत करीब 90 रुपये पड़ती है जबकि ब्लैक में इसे 100 से 250 रुपये में बेचा जाता है। बाजार में एक टैबलेट व कैप्सूल की कीमत चार से पांच रुपये तक होती है। एक पैकेट में चार कैप्सूल होते हैं। इससे उतना ही नशा होता है जितना एक बोतल सिरप से होता है। जमशेदपुर में इसका कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। कारोबार बढ़कर हर माह करीब डेढ़ करोड़ पहुंच गया है।

तीन तरह की होती हैं नशीली दवाएं

अपर्स : ज्यादा ऊर्जा और आत्मविश्वास का एहसास कराती हैं।

डाऊनर्स : शांत व तनावरहित महसूस कराती हैं। नींद आती है।

हेल्युसिनोजंस : भ्रम का अहसास नहीं की अवस्था हो जाती है।

कोडिन फॉस्फेट से नुकसान

♦ कब्ज की समस्या हो सकती है, जो बवासीर मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है।

♦ इसके सेवन से चक्कर आने की संभावना बढ़ जाती है।बेहोश होने की आशंका रहती है।

♦ सांसों की कमी होने से अस्थमा मरीजों के लिए जानलेवा हो सकता है।

♦ अत्याधिक सेवन करने से उल्टी होने के साथ-साथ किडनी व लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है।

♦ नियमित रूप से सेवन करने से आपराधिक प्रवृति जागृत होती है। क्योंकि इसका असर सीधे दिमाग पर होता है।

कई दिनों से शिकायत मिल रही थी। इसे लेकर एक गुप्त टीम गठित की गई थी, जो नजर बनाई हुई थी। जैसे ही आरोपित दवा लेकर बाहर निकले की उसे दबोच लिया गया। आरोपितों के पूरे ग्रुप का पता लगाया जा रहा है। - राजीव एक्का, औषधि निरीक्षक।

जागी पुलिस, अब बनेगी मुहल्ला कमेटी

आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में ब्राउन शुगर के खिलाफ भले ही देर से सही अब स्थानीय प्रशासन जागता नजर आ रहा है। नगर निगम क्षेत्र में पुलिस और सभी पार्षदों के सहयोग सभी वार्ड में मुहल्ला कमेटी बनेगी। आदित्यपुर में उड़ता आदित्यपुर अभियान चल रहा है। इसका ही असर है कि पुलिस ने डॉली परवीन के घर पर इश्तेहार चस्पां किया। सभी वार्ड में कारोबारियों के खिलाफ पार्षद मुखर हो रहे हैं। मंत्री चंपई सोरेन, सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का भी इस अभियान का समर्थन मिला। बस्तियों में चोरी-छिपे इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस मोहल्ला कमेटी बना रही है। 

गुरुवार को आदित्यपुर थाना प्रभारी सुषमा कुमारी ने सभी वार्ड पार्षदों की थाने में बैठक बुलाई। इसमें थाना प्रभारी ने पार्षदों को जल्द उनके मोहल्ले में मुहल्ला कमेटी का गठन करने का आश्वासन दिया। कमेटी में संबधित क्षेत्र के वार्ड पार्षद के अलावे क्षेत्र के समाजसेवी रहेंगे। जो किसी भी घटना, दुर्घटना या नशे के कारोबार के संदर्भ में पुलिस को जानकारी देंगे। मोहल्ला कमेटी के सभी सदस्यों के नाम और मोबाइल नंबर थाने में दर्ज रहेंगे। बैठक में पार्षद रंजन सिंह, जूली महतो, नीतू शर्मा, अभिजीत महतो, मनोज राय सहित विभिन्न वार्ड के पार्षद उपस्थित थे।

थाना पूछेगा मुहल्ला कमेटी से खैरियत : मोहल्ला कमेटी गठन के बाद हर वार्ड कमेटी सदस्य से पुलिस हर दिन फोन कर क्षेत्र की खैरियत पूछेगी। कमेटी के सदस्य अपने वार्ड की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। 

Posted By: Vikas Srivastava

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