जलियांवाला बाग एक्सप्रेस रद करने पर सिख समुदाय में आक्रोश, DRM ने रेलवे बोर्ड को भेजी बहाल करने की अनुशंसा
कोहरे के कारण जलियांवाला बाग एक्सप्रेस रद्द होने से सिख समुदाय में आक्रोश है, जिसके चलते उन्होंने डीआरएम को ज्ञापन सौंपा।

जलियांवाला बाग एक्सप्रेस रद करने पर सिख समुदाय में आक्रोश
HighLights
जलियांवाला बाग एक्सप्रेस रद्द होने पर सिख समुदाय में आक्रोश।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपा।
डीआरएम ने ट्रेन बहाली हेतु रेलवे बोर्ड को अनुशंसा भेजी है।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। कोहरे के कारण 18103-18104 जलियांवाला बाग एक्सप्रेस को 24 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद करने के आदेश को लेकर सिख समुदाय में नाराजगी है। ट्रेन को रद नहीं करने की मांग को लेकर बुधवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों ने चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण भूरिया को ज्ञापन सौंपा।
डीआरएम तरुण भूरिया पहली बार किसी धार्मिक संगठन के कार्यालय पहुंचे और प्रतिनिधिमंडल से इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों से कोहरे के नाम पर जलियांवाला बाग एक्सप्रेस को रद किया जा रहा है। इससे पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई राज्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि ट्रेन रद करने के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक तक आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो रेल चक्का जाम भी किया जाएगा।
रेल रोकने की नौबत नहीं आएगी : डीआरएम
डीआरएम तरुण भूरिया ने कहा कि रेल चक्का जाम करने की नौबत नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि घने कोहरे में ट्रेनों की निर्धारित गति से परिचालन संभव नहीं होता। 130 किलोमीटर प्रति घंटे की निर्धारित गति वाली ट्रेन कई बार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल पाती है। इससे ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होता है और पूरे रेल नेटवर्क में ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि यह केवल चक्रधरपुर मंडल का मामला नहीं है। उत्तर रेलवे की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को कोहरे के दौरान इसी वजह से रद किया जाता है। जलियांवाला बाग एक्सप्रेस गया, वाराणसी, आगरा और दिल्ली होते हुए वैष्णो देवी क्षेत्र तक जाती है। इसलिए रेलवे की कोशिश होगी कि इस ट्रेन को रद नहीं किया जाए।
बोले- रेलवे बोर्ड को पहले ही भेजी है अनुशंसा
डीआरएम ने कहा कि जलियांवाला बाग एक्सप्रेस के परिचालन को बहाल करने के संबंध में रेलवे बोर्ड को पहले ही अनुशंसा भेजी जा चुकी है। इस मामले में एक बार फिर प्रयास किया जाएगा, ताकि ट्रेन को रिस्टोर किया जा सके। उन्होंने सिख समुदाय के प्रतिनिधियों को इस दिशा में सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।

डीआरएम के सेंट्रल गुरुद्वारा कार्यालय पहुंचने से पहले उन्होंने साकची गुरुद्वारा में मत्था टेका और सिख समुदाय के सदस्यों की समस्याएं भी सुनीं। इस मौके पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष अमरजीत सिंह, महासचिव गुरुचरण सिंह बिल्ला सहित स्त्री सत्संग सभा की महिलाएं उपस्थित थीं।
