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VIP के लिए खुलता है गेट, आम जनता को 'नो एंट्री'; 11 महीने से उद्घाटन का इंतजार कर रहा झारखंड का सबसे बड़ा इको-पार्क

Published: Wed, 07 Oct 2026 01:30 PM (GMT+05:30)

चाकुलिया में 28 करोड़ की लागत से बना झारखंड का सबसे बड़ा इको-पार्क 11 महीने से उद्घाटन का इंतजार कर रहा है, जिससे आम जनता के लिए प्रवेश बंद है।

झारखंड का सबसे बड़ा इको-पार्क

झारखंड का सबसे बड़ा इको-पार्क

HighLights

  1. चाकुलिया इको-पार्क 11 महीने से बनकर तैयार, जनता को प्रवेश नहीं।

  2. वीआईपी आते-जाते, मुख्यमंत्री के उद्घाटन का इंतजार जारी।

  3. 28 करोड़ की लागत से 195 एकड़ में बना झारखंड का सबसे बड़ा पार्क।

पंकज मिश्रा, चाकुलिया। जनता की गाढ़ी कमाई से टैक्स के रूप में अर्जित सरकारी पैसे से चाकुलिया में लगभग एक वर्ष से खूबसूरत इकोलॉजिकल डाइवर्सिटी (जैव विविधता) पार्क बनकर तैयार पड़ा है। मगर इसमें आम लोगों के लिए एंट्री बंद है। 

यह बात और है कि पार्क का दरवाजा समय- समय पर वीआइपी एंट्री के लिए खुल जाता है। जब भी किसी वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी अथवा जन प्रतिनिधि का चाकुलिया दौरा होता हैं तब उन्हें पार्क की सुविधा मिल जाती है। मगर आम लोगों के लिए पार्क का गेट इसलिए बंद है क्योंकि इसका अभी तक औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है। 

सीएम करेंगे पार्क का लोकार्पण

वन विभाग के सूत्र बताते हैं कि पार्क का लोकार्पण राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा किया जाना है। मगर उनका कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा है जिसके चलते यह आम जनता के लिए नहीं खुल पा रहा है। लिहाजा पार्क बनने के लगभग साल भर बाद भी इसे देखने को आम लोग तरस रहे हैं। 

वर्तमान में दुर्गा पूजा उत्सव के साथ त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है। ऐसे में पार्क खोलने की मांग एक बार फिर तेज हो रही है। लोग त्योहारों के मौसम में अपने परिवार बच्चों के साथ पार्क का लुत्फ उठाना चाहते हैं। 

लोग देखना चाहते हैं कि जिस पार्क की खूबसूरती की चर्चा पूरे राज्य में हो रही है, वह आखिर कैसा बना है। मगर अभी तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। पार्क उद्घाटन में विलंब होने से इसकी चमक भी फीकी पड़ती जा रही है।

झारखंड का सबसे बड़ा इकोलॉजिकल पार्क

विदित हो कि चाकुलिया के आमलागोड़ा मार्ग पर वन विभाग द्वारा झारखंड का सबसे बड़ा इकोलॉजिकल पार्क बनाया गया है। लगभग 28 करोड़ रुपए की लागत से 195 एकड़ भूमि पर बने इस पार्क में योगा सेंटर, ओपन जिम, बच्चों के लिए पार्क, वरिष्ठ नागरिकों के लिए पार्क, नक्षत्र वाटिका, लिली पॉन्ड, कैफेटेरिया, भूल भुलैया, स्विमिंग पूल, बोटिंग एरिया, कल्पतरु गार्डन, अशोक वाटिका शिवकंद कैक्टस हाउस, म्यूजिकल फाउंटेन, रोज गार्डन, औषधिय बगीचा, चंदन वाटिका समेत मनोरंजन के अनेक संसाधन उपलब्ध है। 

पिछले वर्ष नवंबर में ही बनकर तैयार

इसके अलावा पार्क में भगवान शिव की विशाल मूर्ति, कुरुक्षेत्र का उपदेश, सिद्धू कानू, शिबू सोरेन आदि की प्रतिमा भी बनी हुई है। यह खूबसूरत पार्क पिछले वर्ष नवंबर में ही लगभग बनकर तैयार हो गया था। 

20 नवंबर 2025 को वन विभाग के तत्कालीन पीसीसीएफ अशोक कुमार ने पार्क का निरीक्षण करने के बाद कहा था कि जल्द ही इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। मगर तब से करीब 11 महीने बीत चुके हैं, पार्क अभी भी उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री की राह देख रहा है। 

हालांकि पिछले साल भर के दौरान कई बार मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होते- होते रह गया जिसके चलते पार्क के गेट पर अभी भी आम जनता के लिए नो एंट्री का बोर्ड लटक रहा है।

इकोलॉजिकल पार्क के भीतर फिलहाल कॉटेज निर्माण का कार्य जोर शोर से चल रहा है। वन विभाग के अधिकारी चाहते हैं कि जब पार्क के उद्घाटन में विलंब हो ही चुका है तो इसका उद्घाटन कॉटेज के साथ ही किया जाए। जिस रफ्तार से कॉटेज का निर्माण चल रहा है, अगले 1 महीने में यह बन कर तैयार हो जाएगा। दीपावली के आसपास इसका उद्घाटन किया जाएगा। - समीर मोहंती, विधायक, बहरागोड़ा।

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