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जमशेदपुर: मदर टेरेसा हेल्थ सेंटर में खुला फर्जीवाड़े का खेल, डॉक्टर रहते हैं गायब फिर भी दर्ज मिलती है हाजिरी

Published: Wed, 07 Oct 2026 01:10 PM (IST)

जमशेदपुर के मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक में औचक जांच के दौरान डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए, जबकि उनकी हाजिरी दर्ज ...और पढ़ें

ओपीडी से गायब मिले डॉक्टर और कर्मी

ओपीडी से गायब मिले डॉक्टर और कर्मी

HighLights

  1. मदर टेरेसा क्लीनिक में औचक जांच, डॉक्टर अनुपस्थित मिले।

  2. स्थानीय लोगों ने डॉक्टरों की अनियमित उपस्थिति की शिकायत की।

  3. सिविल सर्जन ने अनुपस्थित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जुगसलाई के गिन्नी बाई धर्मशाला स्थित मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की औचक जांच में व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर शहरी स्वास्थ्य प्रबंधन इकाई की टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण किया। 

इस दौरान चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हर्ष कुमार, आयुष चिकित्सक डॉ. साहिबा फरहत और लैब टेक्नीशियन तपन कुमार अनुपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने टीम को बताया कि संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी की क्लीनिक में नियमित उपस्थिति नहीं रहती है। 

महीने में एक- दो बार ही आते हैं डॉक्टर

आरोप लगाया गया कि डॉक्टर महीने में केवल एक-दो बार ही संस्थान आते हैं और पूरे महीने की उपस्थिति दर्ज कर देते हैं। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की नियमितता को लेकर पूर्व में भी शिकायत किए जाने की बात टीम के सामने रखी गई। 

स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉक्टर की नियमित अनुपस्थिति के कारण मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं लेने में परेशानी होती है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण टीम ने मामले में आवश्यक जांच और कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात कही है। निरीक्षण टीम में सिटी अर्बन हेल्थ मैनेजर सुमन कुमार मंडल और शहरी डाटा प्रबंधक दीपक कुमार शामिल थे।

सिविल सर्जन ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

सिविल सर्जन डा. साहिर पाल ने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सभी चिकित्सकों और कर्मियों को निर्धारित ओपीडी अवधि में संस्थान में उपस्थित रहकर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। 

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो चिकित्सक अथवा स्वास्थ्यकर्मी अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे कर्मियों को कार्य से मुक्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।

स्वास्थ्य केंद्रों की होगी नियमित निगरानी

सिविल सर्जन ने कहा कि जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी। लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि ओपीडी अवधि में डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले अथवा स्वास्थ्य सेवा लेने में परेशानी हो तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

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