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सरयू राय का रेलवे को अल्टीमेटम: मालगाड़ियों की खातिर पैसेंजरों की बलि चढ़ाना बंद करे रेल प्रशासन

By Ch Rao Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Sat, 04 Apr 2026 07:46 PM (IST)

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे को 'राजशाही और पीड़क मानसिकता' वाला बताया है। उन्होंने ट्रेनों की लगातार ...और पढ़ें

सरयू राय, विधायक, जमशेदपुर पश्चिम।

सरयू राय, विधायक, जमशेदपुर पश्चिम।

HighLights

  1. रेलवे को 'राजशाही और पीड़क मानसिकता' का प्रतीक बताया।

  2. 7 अप्रैल को टाटानगर जंक्शन पर होगा विशाल धरना।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे को "राजशाही और पीड़क मानसिकता" का प्रतीक बताया है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने घोषणा की कि ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी और यात्रियों की प्रताड़ना के खिलाफ 7 अप्रैल को सुबह 10 बजे से टाटानगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक के पास विशाल धरना दिया जाएगा।

'शुभ लाभ' की जगह 'लोभ लाभ' पर ध्यान

विधायक सरयू राय ने कहा कि रेलवे का उद्देश्य अब जनसेवा नहीं बल्कि केवल मुनाफा कमाना रह गया है। उन्होंने कहा क‍ि पहले व्यापारी 'शुभ लाभ' के सिद्धांत पर चलते थे, लेकिन रेलवे ने इसे 'लोभ लाभ' में बदल दिया है। 
 
अधिक भाड़े के लोभ में मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है और सवारी ट्रेनों को घंटों खड़ा रखा जाता है। रेलवे जनता के गले पर छुरी चलाकर अपनी कमाई बढ़ाना चाहता है।
 

10 किलोमीटर का सफर और घंटों का इंतजार 

सरयू राय ने ट्रेनों के परिचालन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि टाटानगर आने वाली एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें जंक्शन से 10-15 किलोमीटर पहले तक समय पर रहती हैं, लेकिन स्टेशन के करीब पहुंचते ही घंटों लेट हो जाती हैं। 
 
उन्होंने कहा कि चांडिल जैसे स्टेशनों पर ट्रेनें घंटों खड़ी रहती हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित मजदूर वर्ग हो रहा है, जो आसपास के इलाकों से जमशेदपुर काम करने आता है। इस लेटलतीफी के कारण कई मजदूरों की नौकरियां तक छूट गई हैं। 
 

समितियों की भूमिका पर सवाल 

रेलवे की व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए विधायक ने पूछा कि जब मंडल स्तर से लेकर जोन स्तर तक यात्री सुविधाओं और परिचालन के लिए कई समितियां बनी हुई हैं, तो फिर ट्रेनें लेट क्यों हो रही हैं?

उन्होंने कहा क‍ि इन समितियों का उद्देश्य यात्रियों का भला करना है, लेकिन धरातल पर परिणाम शून्य है। यह रेलवे द्वारा यात्रियों का मानसिक और आर्थिक शोषण है।
 

सांसद और सभी दलों को निमंत्रण

सरयू राय ने इस आंदोलन को किसी एक दल का कार्यक्रम न मानकर इसे जनआंदोलन बताया है। उन्होंने जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो से भी इस धरने में शामिल होकर अपनी बात रखने का अनुरोध किया है। साथ ही, उन्होंने शहर की हर राजनीतिक पार्टी को पत्र लिखकर इस जनभागीदारी में शामिल होने की अपील की है।

मुख्य मांगें और मुद्दे:

  •     पैसेंजर ट्रेनों को प्राथमिकता: मालगाड़ियों के चक्कर में सवारी ट्रेनों को रोकना बंद हो।
  •     समयबद्धता: टाटानगर जंक्शन पर ट्रेनों का समय से आगमन सुनिश्चित किया जाए।
  •     प्रताड़ना पर रोक: घंटों ट्रेन में फंसे रहने वाले यात्रियों के मानसिक और शारीरिक कष्ट को रेलवे गंभीरता से ले।

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