सरयू राय का रेलवे को अल्टीमेटम: मालगाड़ियों की खातिर पैसेंजरों की बलि चढ़ाना बंद करे रेल प्रशासन
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे को 'राजशाही और पीड़क मानसिकता' वाला बताया है। उन्होंने ट्रेनों की लगातार ...और पढ़ें

सरयू राय, विधायक, जमशेदपुर पश्चिम।
HighLights
रेलवे को 'राजशाही और पीड़क मानसिकता' का प्रतीक बताया।
7 अप्रैल को टाटानगर जंक्शन पर होगा विशाल धरना।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे को "राजशाही और पीड़क मानसिकता" का प्रतीक बताया है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने घोषणा की कि ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी और यात्रियों की प्रताड़ना के खिलाफ 7 अप्रैल को सुबह 10 बजे से टाटानगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक के पास विशाल धरना दिया जाएगा।
'शुभ लाभ' की जगह 'लोभ लाभ' पर ध्यान
10 किलोमीटर का सफर और घंटों का इंतजार
समितियों की भूमिका पर सवाल
सांसद और सभी दलों को निमंत्रण
सरयू राय ने इस आंदोलन को किसी एक दल का कार्यक्रम न मानकर इसे जनआंदोलन बताया है। उन्होंने जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो से भी इस धरने में शामिल होकर अपनी बात रखने का अनुरोध किया है। साथ ही, उन्होंने शहर की हर राजनीतिक पार्टी को पत्र लिखकर इस जनभागीदारी में शामिल होने की अपील की है।
मुख्य मांगें और मुद्दे:
- पैसेंजर ट्रेनों को प्राथमिकता: मालगाड़ियों के चक्कर में सवारी ट्रेनों को रोकना बंद हो।
- समयबद्धता: टाटानगर जंक्शन पर ट्रेनों का समय से आगमन सुनिश्चित किया जाए।
- प्रताड़ना पर रोक: घंटों ट्रेन में फंसे रहने वाले यात्रियों के मानसिक और शारीरिक कष्ट को रेलवे गंभीरता से ले।