जमशेदपुर (जेएनएन)। अपनों से दूर बुढ़ापे में परिवार से अलग होने का दर्द वही समझ सकता है जो भुक्तभोगी हो। अपनों से दूर रहने का कारण मात्र पूछने पर आंखें भर आती हैं और फ‍िर आगे पूछने की हिम्मत भी कहां बच जाती है। ऐसे में अगर कोई तन्हा बुजुर्गों से दो-चार होकर कुठ पल पल साथ बिताए और उनको कुछ खुश होने का बहाना दे तो सोने पे सुहागा हो जाता है। संकल्प की टीम के भी कुछ ऐसे ही अनुभव हैं जिन्होंने ओल्ड एज का भ्रमण किया।

टाटा मोटर्स एडीडी की सीक्यू संकल्प टीम के सदस्यों ने सीएसआर, टीवी डब्ल्यू - 10 के तहत पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर के अंत्योदय भवन ( ओल्ड एज होम ) का भ्रमण किया। यहां टीम के सदस्यों ने इलाजरत लोगों संग खुशियां बांटी। उन्हें अंग वस्त्र, फल एवं दैनिक जरूरी के सामान भेंट किए। टीम में टाटा मोटर्स के इंजीनियर थे। उन्होंने बताया कि बड़ी खुशी हुई जब  अपनत्व व्यवहार से गरीब एवं लाचार लोगों के चेहरे पर सकून दिखा। टीम के सदस्यों ने अंत्योदय भवन के रख-रखाव की प्रशंसा की।

टीम में रोहित विकास, उदय कुमार, राजीव शर्मा, अमित सिंह, मो अजरूदीन, शेख अनीस, प्रियव्रत कुमार, राजेश मौर्या, विमलेश तिवारी, विनीत पांडेय आदि शामिल थे। 

Posted By: Rakesh Ranjan