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रेलवे के रियल हीरो : जमशेदपुर के जांबाज को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार, 'यशोभूमि' में अश्विनी वैष्णव ने थपथपाई पीठ

Published: Fri, 09 Jan 2026 11:57 PM (IST)

दिल्ली के यशोभूमि कॉम्प्लेक्स में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने टाटानगर के पूर्व आरपीएफ निरीक्षक संजय कुमार तिवारी को 'अति ...और पढ़ें

दिल्‍ली के यशोभूमि मे रेल पुलिस अधिकारी को सम्‍मानित करते रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव।

दिल्‍ली के यशोभूमि मे रेल पुलिस अधिकारी को सम्‍मानित करते रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव।

HighLights

  1. उन्होंने 11 बच्चों को मानव तस्करी से बचाया, 55 अपराधी पकड़े।

  2. श्रमणा दास और प्रसन्नेजीत दास को भी सम्मान मिला।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। दिल्ली के द्वारका स्थित भव्य 'यशोभूमि कॉम्प्लेक्स' में शुक्रवार को आयोजित समारोह में टाटानगर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के तीन जांबाज कर्मचारियों को 'अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025' से नवाजा। 

इस सूची में जमशेदपुर के टाटानगर आरपीएफ के पूर्व निरीक्षक संजय कुमार तिवारी का नाम प्रमुखता से शामिल है, जिन्होंने अपने साहसी कार्यों से न केवल अपराधियों के छक्के छुड़ाए, बल्कि मानवता की भी मिसाल पेश की।  

टाटानगर के 'सिंघम' की गौरवगाथा 

संजय कुमार तिवारी को यह पुरस्कार उनकी बहुआयामी उपलब्धियों के लिए दिया गया है। उन्होंने टाटानगर स्टेशन पर चेकिंग के दौरान आर्म्स एक्ट के तहत खतरनाक अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ सलाखों के पीछे पहुंचाया।   

कार्यकाल की कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं 

वर्ष 2023-24 में सामान चोरी करने वाले 55 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया था। उन्‍होंने 'नन्हें फरिश्ते' अभियान के तहत मानव तस्करी का शिकार हो रहे 11 मासूम बच्चों को रेस्क्यू कर नई जिंदगी दी।

यात्रियों का लगभग 33 लाख रुपये मूल्य का खोया हुआ सामान सुरक्षित उनके मालिकों तक पहुंचाया। उन्‍होंने बदामपहाड़ में राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम सुनिश्चित किए।  

खड़गपुर मंडल के इन दो नायकों को भी मिला सम्मान

संजय तिवारी के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे से दो अन्य कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया गया। 
 
श्रमणा दास (टेक्निशियन-3): इन्होंने 'ऑटोमेटिक प्रेशर मॉडिफायर' (APM) की मरम्मती में महारत हासिल कर रेलवे को आत्मनिर्भर बनाया। उनके द्वारा मरम्मत किए गए 2700 APM बिना किसी खराबी के ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित कर रहे हैं। 
 
प्रसन्नेजीत दास (ब्रिज सहायक): अपनी चीते जैसी नजरों से इन्होंने एक ब्रिज के निरीक्षण के दौरान एक बड़ी दरार (वर्टिकल क्रोस ब्रेसिक) को पकड़ा, जिससे एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना टल गई। 

जमशेदपुर का गौरव: पूरे देश के सभी रेल जोन से केवल 100 रेलकर्मियों का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया था। इनमें टाटानगर के जांबाज की मौजूदगी ने शहर के गौरव को बढ़ा दिया है। समारोह में रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार सहित कई दिग्गज अधिकारी उपस्थित थे।