जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : बासपानी स्टेशन में ग्रामीणों के हमले की घटना में घायल रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) के जवान शमशेर सिंह (25 वर्ष) की रविवार सुबह मौत हो गई। रविवार दोपहर टाटानगर आरपीएफ बैरक में शमशेर को गार्ड ऑफ आनर दिया जाएगा। 12 अक्टूबर मंगलवार की शाम बासपानी स्टेशन पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था जिसमें आरपीएफ के छह जवान घायल हो गए थे।

जिनमें से 4 जवानों को जोड़ा स्थित टाटा स्टील अस्पताल में जबकि गंभीर रूप से घायल दो जवानों को जमशेदपुर स्थित टीएमएच में रेफर किया गया था। घायल शमशेर सिंह की सिर पर गंभीर रूप से चोट लगी थी और उसके बाद से ही वह अचेत था। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।

कुदाल-कुल्हाडी सहित धारदार हथियारों के साथ ग्रामीणों ने किया था हमला

बांसपानी स्टेशन के आरपीएफ जवानों ने कोयला चोरी के आरोप में स्थानीय निवासी को लक्ष्मण पात्र को पकड़ा था। ग्रामीणों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसकी पिटाई की गई जिसके बाद लक्ष्मण की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद लगभग 200 स्थानीय निवासियों ने स्टेशन पर हमला कर दिया। बांसपानी स्टेशन के सभी सिग्नल, इलेक्ट्रिकल विभाग में तोड़फोड़ की गई। जिससे रेलवे को करोड़ों का नुकसान हुआ। वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने आरपीएफ के जवानों के साथ साथ रेलवे के कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा। धारदार हथियारों से उन पर हमला किया। कुल्हाड़ी कुदाल, सब्बल, हसिया सहित कई धारदार हथियार से ग्रामीणों ने रेलवे कर्मचारियों पर हमला बोला। इस दौरान रेल कर्मचारी जान बचाने के लिए स्टेशन छोड़कर भागे। गुस्साए ग्रामीणों के हाथ में जो आए उनकी जमकर पिटाई की। घायल जवानों के सिर पर गंभीर रूप से चोट लगी थी जिसके बाद उन्हें टाटा में हॉस्पिटल रेफर किया गया था। इस घटना के बाद से ही शमशेर सिंह मूर्छित अवस्था में था और टीएमएच के न्यूरो विभाग में उसका इलाज चल रहा था। शमशेर मूल रूप से बिहार का निवासी था।

200 के खिलाफ दर्ज किया गया है मामला

इस घटना के बाद रेल प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हुआ। घटना के बाद रेलवे के आईजी व डीआईजी दीपक कुमार सहित रेलवे के कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस घटना में रेल प्रशासन को काफी नुकसान हुआ जिसके कारण रेलवे ने 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट और आईपीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है।

Edited By: Rakesh Ranjan