जमशेदपुर, जेएनएन। झारखंड को बुधवार को पहले आधुनिक कैंसर अस्पताल की सौगात मिली। टाटा समूह के मार्गदर्शन रतन टाटा ने इस अस्पताल का शुभारंभ किया। अब बिहार-झारखंड के मरीजों को कैंसर के बेहतर इलाज के लिए महानगरों का रुख नहीं करना होगा। अस्पताल के शुभारंभ के मौके पर टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी मौजूद थे। लेवल वन श्रेणी के इस अस्पताल को बनाने में टाटा समूह ने 65 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। 

इस अवसर पर टाटा समूह के मार्गदर्शक रतन टाटा ने कहा कि यह अस्पताल मरीजों के लिए लाइफ सेवर साबित होगा। टाटा ट्रस्ट ने कैंसर मरीजों के लिए कुछ बेहतर करने के उद्देश्य से इस अस्पताल को आधुनिक रूप दिया है। आज जो यहां उदघाटन हो रहा है वह हमारे लिए गर्व की बात है। यह हमारा सपना था जिसे आज हम पूरा कर रहे हैं। यहां पर कई ऐसे मशीनें हैं जिससे कैंसर पीड़ित मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

अपने संबोधन में चेयरमैन एन चंद्रशेखर ने कहा कि इस अस्पताल में कैंसर पीड़ित मरीजों का बेहतर इलाज होगा। हमने कम समय में ही एक बेहतर अस्पताल तैयार किया है। इसके लिए टाटा स्टील और टाटा ट्रस्ट दोनों बधाई के पात्र हैं। बहुत ही कम समय में इस अस्पताल को आधुनिक रूप दिया गया है। इस मौके पर टाटा स्टील के सीईओ टीवी नरेंद्रन सहित कंपनी के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

2 मार्च 2018 को रतन टाटा ने ही रखी थी आधारशिला

सर दोराब जी टाटा की पत्नी मेहरबाई टाटा के नाम से वर्ष 1927 को एमटीएमएच अस्पताल का शुभारंभ हुआ था। टाटा समूह ने इस अस्पताल को आधुनिक रूप दिया है। दो मार्च 2018 को टाटा समूह के मार्गदर्शक रतन टाटा ने नए अस्पताल की आधारशिला रखी थी। इस नए अस्पताल में कई ऐसी आधुनिक मशीनें लाई गई हैं जो कैंसर की सटीक जानकारी देगा ही, साथ ही मरीजों को इसकी मुक्ति के लिए बेहतर इलाज भी मुहिया कराएगा। इस नए अस्पताल से टाटा समूह सहित भारत सरकार द्वारा संचालित सेल, एचइसी, एचसीएल, एनएमएल और रेलवे के कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा। इस नए अस्पताल में मेडिकल ऑनक्योलॉजिस्ट, रेडिशन ऑनक्योलॉजिस्ट, पेलिएटिव केयर, डे केयर को दो-दो वार्ड रहेंगे।

अस्पताल में थ्रू बीन लीनेक्स मशीन

एमटीएमएच में थ्रू बीन लीनेक्स के रूप में एक नई मशीन आई है। ऐसी मशीन सिर्फ दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों में ही है। इस मशीन की खासियत है कि कैंसर को बढ़ाने वाली सेल्स पर सीधा हमला कर उसे खत्म करेगी। शरीर में मौजूद अन्य सेल्स को यह किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगी।

 पेट सिटी से होगी कैंसर की जांच

अस्पताल में पेट सिटी के रूप में एक नई मशीन आई है। इस मशीन की खासियत होगी कि किसी मरीज के शरीर में कैंसर के सेल्स कहां-कहां और कितनी दूर तक फैल चुके हैं। शरीर को कितना नुकसान पहुंच चुका है। इसकी सटीक जानकारी पेट सिटी मशीन मिलेगी।

 डे केयर की सुविधा शुरू

अस्पताल में पहली बार डे केयर की सुविधा शुरू की गई है। इसकी खासियत होगी कि यदि कोई मरीज शहर से बाहर का है तो वह दिन भर कीमोथैरेपी लेकर शाम तक अपने घर भी जा सकता है। 

 ये होंगी सुविधाएं 

  • बेड की संख्या 78 से बढ़कर 156।
  • सभी वार्ड आधुनिक व वातानुकूलित।
  • एमटीएमएच के बगल में है तीन मंजिला नया अस्पताल।
  • नए और पुराने अस्पताल की बिल्डिंग को आपस में जोडऩे के लिए बनाया गया है स्काई ब्रिज।
  • सबसे निचले तल पर पेट सिटी और लीनेक्स की रहेगी मशीन। 
  • मध्य तल पर डे केयर यूनिट और सबसे ऊपर रहेंगे केबिन।
  • अस्पताल में डॉक्टरों व नर्सों की संख्या भी दोगुनी।
  • अस्पताल में मेडिकल ऑनक्योलॉजिस्ट, सर्जरी ऑनक्योलॉजिस्ट, रेडिएशन ऑनक्योलॉजिस्ट के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ और कोलकाता से आए विशेषज्ञ डॉक्टर। 
  • अस्पताल में छह दिन आयोजित होगा ओपीडी। 
  • हर विभाग के लिए रहेंगे तो स्पेशलिस्ट डॉक्टर। जनरल ड्यूटी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई गई है।
  • ओपीडी के लिए रहेंगे आठ कंसल्टेंट के केबिन। 

कैंसर मरीजों की लगातार बढ़ रही है संख्या

टीएमएच प्रबंधन का मानना है कि बिहार-झारखंड सहित पूरे देश में प्रतिवर्ष कैंसर मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसके लिए हमारे खान-पान, रहन-सहन मुख्य कारण है। इसलिए लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक अस्पताल को तैयार किया गया है। 

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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