Ranji Trophy: कीनन स्टेडियम में झारखंड का दबदबा, तीन शतकों के दम पर केरल के खिलाफ मुकाबला रहा ड्रॉ
रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप-सी के मुकाबले में झारखंड ने केरल के खिलाफ कीनन स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन किया। मैच ड्रॉ ...और पढ़ें

HighLights
झारखंड ने पहली पारी में 587 रनों का विशाल स्कोर बनाया।
शिखर मोहन, विराट सिंह और आदित्य सिंह ने शतक जड़े।
झारखंड को पहली पारी की बढ़त पर तीन अंक मिले।
जासं, जमशेदपुर । रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप-सी के एक रोमांचक मुकाबले में झारखंड की टीम ने अपने शानदार और आक्रामक खेल के दम पर केरल को बैकफुट पर धकेल दिया।
जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में खेला गया यह चार दिवसीय मुकाबला भले ही अनिर्णित (ड्रा) समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी में 192 रनों की विशाल बढ़त के आधार पर झारखंड ने तीन महत्वपूर्ण अंक अपनी झोली में डाल लिए, जबकि केरल को महज एक अंक से संतोष करना पड़ा।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान झारखंड की टीम ने सपाट पिच पर केरल के गेंदबाजों की जमकर परीक्षा ली। सलामी बल्लेबाज शिखर मोहन ने 143 रनों की लाजवाब पारी खेलकर बड़े स्कोर की मजबूत नींव रखी।
इसके बाद कप्तान विराट सिंह और आदित्य सिंह ने केरल के आक्रमण को पूरी तरह बेअसर कर दिया। कप्तान विराट ने संयम और तकनीक का शानदार परिचय देते हुए 108 रन बनाए, जबकि आदित्य सिंह ने धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए 147 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली।
इसके अलावा उत्कर्ष सिंह ने भी 71 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। शीर्ष क्रम के इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत झारखंड ने पहली पारी में 587 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
केरल की ओर से वैशाख चंद्रन ने पांच विकेट जरूर झटके, लेकिन तब तक मेजबान टीम मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी थी।
पहाड़ जैसे लक्ष्य के दबाव में केरल की शुरुआत ठीक रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक पी. नायर ने 126 रन और आदित्य सरवते ने 95 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन झारखंड की कसी हुई गेंदबाजी के सामने पूरी केरल टीम पहली पारी में 395 रन पर सिमट गई।
पहली पारी में 192 रनों की भारी बढ़त हासिल करने के बाद झारखंड के कप्तान विराट सिंह ने विरोधी टीम को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर कर दिया।
चौथे और अंतिम दिन फॉलोऑन खेलने उतरी केरल की टीम को दूसरी पारी में भी शुरुआती झटका लगा, जब रोहन कुन्नुमल सस्ते में पवेलियन लौट गए। मैच समाप्ति तक केरल ने दो विकेट खोकर 62 रन बनाए।
पर्याप्त समय न बचने के कारण दोनों कप्तानों की सहमति से मैच को ड्रा घोषित कर दिया गया। पूरे मैच में गेंद और बल्ले दोनों से अव्वल रहने वाला झारखंड इस परिणाम से बेहद आत्मविश्वास से भरा नजर आ रहा है।
