जमशेदपुर, जासं।  बच्ची की अपहरण के बाद दुष्कर्म और उसकी हत्या मामले में टाटानगर रेल थाना की पुलिस ने 50 दिनों में आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित कर रिकार्ड कायम किया है। संभवत जमशेदपुर में ऐसा इससे पहले गंभीर मामले में नहीं हुआ।

टाटानगर रेलवे स्टेशन से बंगाल की महिला की बच्ची का अपहरण 25 जुलाई की रात 11.40 बजे हुआ था।सीसीटीवी फुटेज का सहारा लेकर और एक व्यक्ति की सूचना पर पुलिस को बच्ची के अपहरणकर्ता और हत्यारों तक पहुंचने में पांच दिन का समय लगा। 29 जुलाई को आरोपित पकड़े गए। 30 जुलाई की शाम हत्या आरोपितों की निशानदेही पर टेल्को रामाधीन बागान से सिर विहीन शव बरामद किया गया। 31 जुलाई को पुलिस रामाधीन बागान में खोजी कुत्ते की मदद से सिर तलाशने पहुंची थी। भीड़ आरोपितों को मार डालने पर आतुर हो गई थी।सिर नहीं मिलने के कारण 1 अगस्त को पुलिस डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में जुटी। सिर की बरामदगी को भी प्रयासरत रही।

बड़ी मशक्कत के बाद मिला बच्ची का सिर

4 अगस्त को पुलिस ने हत्यारोपितों को चार दिन की रिमांड पर लिया। बावजूद सिर नहीं मिला। 6 अगस्त को 100 से अधिक संख्या में जवानों में रामाधीन बागान की झाडिय़ों में बच्ची का सिर खोजते रही। पानी टंकी और झाडिय़ों तक की सफाई पुलिस ने कर दी थी। घटना के 11 दिन बाद 9 अगस्त को बच्ची के सिर की खोपड़ी ले जाते दिखा कुत्ता। पुलिस ने खोपड़ी बरामद की। खोपड़ी बच्ची की है या नहीं इसकी सत्यता को न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने खोपड़ी की डीएनए टेस्ट कराई। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि खोपड़ी मारी गई बच्ची की ही है। 

Posted By: Rakesh Ranjan

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