जमशेदपुर, जासं। बंगाल में मतगणना के बाद बेहिसाब हिंसा फैल गई है। टीएमसी के खिलाफ वोट देने वालों को मारा-पीटा जा रहा है। उनकी हत्या तक कर दी जा रही है। ऐसे में वहां तत्काल राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। यह मांग भारतीय जन महासभा ने आपात ऑनलाइन बैठक के बाद राष्ट्रपति से रखी।

मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने कहा कि इस ऑनलाइन मीटिंग में विभिन्न प्रकार की बातें सामने आईं। आज बंगाल में जो हो रहा है, वह काफी निंदनीय है। टीएमसी के खिलाफ वोट देने वालों की दुकानों को लूटा जा रहा है। महिलाओं को घर से खींचकर बाहर निकाला जा रहा हे। उनसे अमानवीय कृत्य किया जा रहा है। बच्चों को जान से मार दिया जा रहा है। पशु तक को नहीं छोड़ा जा रहा है। हिंसा का जो तांडव वहां हो रहा है, उस पर उपस्थित सदस्यों ने काफी आक्रोश व्यक्त किया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राष्ट्रपति से मांग की जाए कि बंगाल में शपथ ग्रहण के पूर्व ही तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन लगाया जाए और वहां सेना भेजकर शांति स्थापित की जाए।

सुप्रीम कोर्ट से तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह

मीटिंग में यह भी बात भी सामने आई कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को तत्काल संज्ञान लेकर आर्टिकल-142 का उपयोग करते हुए लगभग दो साल तक बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने का आदेश पारित करना चाहिए। मीटिंग में मानवाधिकार आयोग की चुप्पी को भी संदिग्ध बताया गया। इस तरह के मामलों में मानवाधिकार आयोग की चुप्पी किसी दूसरी ओर इशारा कर रही है। टीएमसी की नेता ने कहा था कि इलेक्शन के बाद देख लूंगी। अब वह संविधान का उल्लंघन कर रही है। बंगाल सरकार हिंसा को कंट्रोल नहीं कर पा रही है। इस मीटिंग के पूर्व भारतीय जन महासभा द्वारा ट्विटर के माध्यम से भी इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन व नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की गई है।

इनकी रही उपस्थिति

भारतीय जन महासभा की इस ऑनलाइन मीटिंग में पोद्दार के अलावा तीन संरक्षक जमशेदपुर से हरिबल्लभ सिंह आरसी, राजेंद्र कुमार अग्रवाल व कोलकाता से अरुण कुमार अग्रवाल, जमशेदपुर से महासचिव संदीप कुमार तथा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य प्रयागराज से आशुतोष गोयल भी उपस्थित थे।

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