9-10 दिनों के उपवास के बाद कैसे खोलें व्रत? डायटीशियन से जानिए सही आहार तालिका
दुर्गापूजा के लंबे उपवास के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में लाने के लिए खानपान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ...और पढ़ें

उपवास समाप्त होने के बाद खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
HighLights
व्रत खोलने के बाद धीरे-धीरे भोजन की मात्रा बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
शुरुआत में हल्का, सुपाच्य और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें।
तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन तुरंत खाने से बचें।
जासं, जमशेदपुर। दुर्गापूजा के पावन अवसर पर कई श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखते हैं, तो कुछ लोग दस दिनों तक उपवास व फलाहार करते हैं। लंबे उपवास के दौरान आहार सीमित रहने से शरीर में ऊर्जा और आवश्यक पोषक तत्वों का स्तर प्रभावित हो जाता है।
ऐसे में व्रत समाप्त होने के बाद खानपान को लेकर विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक कम या सीमित आहार लेने के बाद यदि अचानक तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार या भारी भोजन किया जाए, तो पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इसलिए उपवास के बाद हमेशा हल्का, सुपाच्य और पोषक तत्वों से भरपूर आहार ही लेना चाहिए। इस दौरान खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
धीरे-धीरे बढ़ाएं भोजन की मात्रा
महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल की डायटीशियन अन्नू सिन्हा के अनुसार, उपवास के बाद शरीर की पाचन क्रिया को सामान्य स्थिति में लाने के लिए आहार की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए।
शुरुआत कैसे करें: व्रत खोलते ही सबसे पहले साधारण पानी, नारियल पानी, मौसमी फल (जैसे केला, पपीता, सेब) या हल्का सूप लें।
सुपाच्य विकल्प: कुछ समय बाद दही, मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, साबूदाने की खिचड़ी या उबली हुई सब्जियों का सेवन करें।
तरल पदार्थ: शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। यदि पचाने में सहज महसूस हो, तो थोड़ी मात्रा में दूध या छाछ भी ली जा सकती है।
इन चीजों के सेवन से करें परहेज
व्रत खोलते ही पूड़ी, पकौड़ी, अत्यधिक घी-तेल व मसालों वाले व्यंजन, चाट, समोसे और ज्यादा मिठाइयां खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा खाली पेट या अत्यधिक मात्रा में चाय-कॉफी का सेवन करने से एसिडिटी हो सकती है। रात का खाना हमेशा हल्का रखें।
विशेष सावधानी एवं डॉक्टरी सलाह
यदि उपवास के दौरान पानी और भोजन का सेवन बहुत कम रहा हो, अधिक कमजोरी महसूस हो रही हो या चक्कर आ रहे हों, तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
इसके अलावा मधुमेह (डायबिटीज), किडनी या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपवास खोलने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह अनुसार ही अपना डाइट प्लान तय करना चाहिए।
