जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : शहर के थानों में आधी रात कोई भी बेधड़क घुस आए। नक्सली हो या अपराधी कोई नहीं पूछने वाला। कुछ भी उठाकर चलता बने। कोई नहीं टोकने वाला। डयूटी पर तैनात कोई जवान गहरी नींद में सो रहा होता है, तो कोई बैठकर ऊंघता मिलेगा। कोई टेबुल पर सिर टिकाए दिखेगा तो कोई नींद में सिर झुकाए।

मंगलवार आधी रात 12 से एक बजे तक दैनिक जागरण की टीम ने पांच थानों की पड़ताल की। इस दौरान थानों की सुरक्षा व्यवस्था ही कठघरे में नजर आई। फोटो देख कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि थाने व पुलिस किस कदर असुरक्षित हैं। ऐसे जिले में जो लंबे समय से नक्सल प्रभावित घोषित है।

एसएसपी अनूप बिरथरे साहब, देख लीजिए अपने मातहतों का हाल। जिनके कंधों पर शहर की सुरक्षा हो, वह आधी रात को सोते मिले, उस शहर का तो भगवान ही मालिक है। दैनिक जागरण ने रात 12 बजे शहर के सिर्फ पांच थानों का औचक निरीक्षण किया। कई थानों में पुलिस अधिकारी ऊंघते मिले तो कई में संतरी ड्यूटी पर तैनात नहीं था।

ड्यूटी पर मुश्तैद दिखे सब इंस्पेक्टर खान:

मानगो थाना : रात 12.17 बजे

मानगो थाने में सब इंस्पेक्टर अतिकुर रहमान खान एफआइआर दर्ज करते नजर आए। यहां बाप-बेटे की लड़ाई का कोई केस था। पुलिसकर्मी रामदेव ठाकुर व रामनरेश राम ड्यूटी पर मिले। बाहर में टाइगर मोबाइल के जवान भी गश्ती लगाते दिखे।

अकेले ही काम निपटाते रहे ओडी भोला प्रसाद:

साकची थाना : 12.27

शहर का बीचोबीच बसा साकची थाना परिसर। यहां क्राइम कंट्रोल रूम, पुलिस कंट्रोल रूम महिला थाना, यातायात थाना, 100 डायल के कार्यालय है। थाने के मुख्य कार्यालय में ऑफिसर ऑन ड्यूटी (ओडी) भोला प्रसाद अकेले बैठे काम करते मिले। लेकिन वायरलेस विभाग का कमरा खाली मिला। थाने के मुख्य द्वार पर एक जवान ऊंघते मिला। बाइक की आवाज सुनकर घबराकर उठा और पूछताछ करनी शुरू कर दी।

कार्यालय में टांग पसारकर सोते मिले पांडेय जी:

बिष्टुपुर थाना : 12.37

एसएसपी साहब, यह है आपका बिष्टुपुर थाना। आप ही देख लीजिए क्या हाल है। साहब, जिस थाना क्षेत्र में आपका आवास हो, उपायुक्त अमित कुमार से लेकर अनुमंडल अधिकारी रहते हो, उस थाने का हाल देख आप सिर पटकने लगते। पूरे थाने में सिर्फ दो जवान। पहला जवान नूरसेन टोप्नो थाने में अकेले ही चहलकदमी करते मिले। जब उनसे पूछा गया कि ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी एके पांडेय कहां है। पता चला, साहब अंदर हैं। लेकिन जब उन्हें ढूंढ़ा गया तो मिले ही नहीं। बहरहाल मुख्य द्वार से सटा वेटिंग रूम में पैर फैला, बांहे पसार जवान पांडेय जी सोते मिले। कैमरा का फ्लैश चमकते ही पांडेय जी घबराकर उठे। कैमरामैन के पीछे भागते-भागते पहुंचे और हांफते हुए कहा-हमरा गैस हो गइल बा, इहे से लेटल रही। अउर प्रेशरो बा। खाली रहली त लेट गइनी। बेचारगी वाले भाव से बोले-हमरा के ना बचाएम।

यह देखिए जुगसलाई थाने का हाल:

जुगसलाई थाना : 12.42

साहब, अब आपको जुगसलाई थाना का हाल दिखाते हैं। यहां बाहर में एक जवान विजय कुमार नींद के साथ जिद्दोजहद करते मिले। जब उनसे ऑफिसर ऑन ड्यूटी का नाम पूछा गया तो घबरा गए। डरते हुए बोले, मुझे तो नाम नहीं पता। नए अफसर हैं साहब। हम तो बाहर ड्यूटी करते हैं। कभी-कभी थाना में ड्यूटी पड़ता है। अंदर घुसते ही ऑफिसर ऑन ड्यूटी कार्यालय पर डेस्क पर सिर रखकर सोते मिले। जैसे ही स्मार्टफोन का फ्लैश चमका, हक्का-बक्का रह गए। यह पूछने की हिमाकत भी नहीं की कि आप लोग कौन हैं।

संगीत की धुन पर सो रहे थे ओडी:

कदमा थाना : 12.55

साहब जी, कदमा थाने का हाल ही ना पूछिए। यहां तो अजीब हालत थी। एक ऑफिसर ऑन ड्यूटी उदय सिंह और दूसरा एक और जवान। उदय सिंह म्यूजिक का मजा लेते हुए बड़े इत्मीनान से कुर्सी पर ही सोते मिले। इसी बीच औचक निरीक्षण कर रहे मीडिया बंधु का ¨रग बजा। घबराकर उठे और सीधे बैठ गए। ठीक उसी तरह, जैसे क्लास में शिक्षक आए और बच्चा अनुशासित होने की कोशिश करे। पूरे कदमा थाना में सिर्फ दो पुलिस ही मिले और दोनों सोते मिले।

Posted By: Jagran