जमशेदपुर : जमशेदपुर से 50 किलोमीटर दूर जादूगोड़ा में कुछ ऐसा हुआ कि सभी ने दांतों तले अंगुलिया दबा ली। पुलिस की लाख कोशिशों के बाद प्रतिबंधित मांस की तस्करी करने वालों पर लगाम नहीं लग रही है। शनिवार को जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के कुल्डीहा से कुछ तस्कर बोरा में भरकर बड़े आराम से प्रतिबंधित मांस ले जा रहे थे। तभी उन्हें भनक लगी कि पुलिस को इसकी सूचना लग गई है।

जान बची तो लाखों पाए। तस्करों को बचाव के लिए कुछ नहीं सूझा तो दनादन जमीन खोदने लगे। सांसें भी निकल रही थी कि कहीं पुलिस नहीं पहुंच जाए। आधे किलोमीटर की दूरी पर पूरब व पश्चिम की दिशा में मुखबिर भी मुस्तैद थे, ताकि पुलिस पहुंचने के पहले ही काम हो जाए। आनन-फानन में डेढ़ फीट गहरा गड्ढा खोद मांस को जमीन में दबा दिया गया। इलाका सूनसान था और इक्का-दुक्का लोग ही उधर से गुजर रहे थे। तभी कुछ ग्रामीणों की नजर इन तस्करों पर पड़ी। पुलिस जबतक घटनास्थल पर पहुंचती, प्रतिबंधित मांस की तस्करी करने वाला दल नौ-दो ग्यारह हो चुका था। पुलिस माथा पिटती रही। 

बाद में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने जमीन में छुपाकर रखे गए मांस को बरामद किया। इस मौके पर जादूगोड़ा थाना की पुलिस, पोटका के अंचलाधिकारी इमित्याज अहमद समेत अन्य मौजूद थे। अरुणा षाडंगी की शिकायत पर जादूगोड़ा थाना में डोमल लाल दौलत राम सोरेन, उमेश महली, मंदरा मांझी, कुंडिया महली, फूदन महली के खिलाफ झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। चूंकि सभी तस्कर आसपास इलाके के ही थे तो पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ी।  शनिवार को सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि जादुगोड़ा राखामाइंस रेलवे स्टेशन के पास प्रतिबंधित मांस की खरीद-बिक्री की सूचना जादूगाेड़ा थाना की पुलिस को ग्रामीणों ने दी थी। डोमनलाल दौलत राम सोरेन के घर के पास लोगों की भीड़ लगी थी। पूछने पर लोगों ने बताया डोमनलाल दौलत राम सोरेन अपने पांच-छह साथियों के साथ गोवंश की हत्या कर मांस की बिक्री करता है। पुलिस के पहुंचने पर आरोपितों ने मांस को घर के पीछे खेत में बने गड्ढे में डालकर मिट्टी से भर दिया था। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गड्ढा खोदकर प्रतिबंधित मांस को बरामद किया। 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप