जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। झारखंड में केवल विकास की बात करना काफी नहीं है। शहीदों के सपनों को सच बनाने के लिए झारखंड प्रदेश में झारखंडी जन अर्थात आदिवासियों और मूलवासियों के अस्तित्व, पहचान और हिस्सेदारी को सुरक्षित रखते हुए विकास की नीति और योजनाओं का क्रियान्‍वयन जरूरी है। अन्यथा विकास यहां झारखंडी जन के लिए विनाश बन जाता है। ये बातें जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने कही।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि 'आबोआ दिशोम, आबोआ राज के सपने को साकार करने के लिए पूर्वजों ने अपनी शहादत देकर अलग राज्य का गठन किया है। अब उन सपनों को पूरा करने की जरूरत है। पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने इस मसले पर विरोधी दल के नेता बाबूलाल मरांडी और राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से पांच प्रमुख झारखंडी मुद्दों पर विधानसभा सत्र के दौरान प्रस्ताव पारित कराने में अपना दायित्व निर्वाह करने की अपील की है। इन मुद्दों को लेकर 17 मार्च को राजभवन के समक्ष एकदिवसीय धरना के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

क्या है मुद्दे

1. सरना धर्म कोड लागू करना,

2. संताली भाषा को प्रथम राजभाषा का दर्जा देना,

3. पूर्ण शराबबंदी लागू करना,

4. झारखंड स्थानीयता नीति और नियोजन नीति का निर्धारण कर नियुक्ति करना,

5. पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ पूर्व घोषित 73 के साथ अतिरिक्त ़10 प्रतिशत आरक्षण लागू करना।

Posted By: Vikas Srivastava

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