जमशेदपुर (राजेश पाण्डेय)। कोरोना वायरस से विदेश में पढऩे वाले बच्चों के शहर में रहनेवाले उनके माता-पिता परेशान हैं। आंखों से दूर होने की वजह से उन्हें अपने लाडलों की चिंता सता रही है।

शहर के कदमा अंतर्गत रामनगर क्षेत्र के विद्यापति टावर में रहने वाले नीलोय सेनगुप्ता व नीला सेनगुप्ता के माथे पर चिंता की लकीरें उभरी हुईं हैं। यूरोपीय देश यूक्रेन में उनका बेटा नीलाभ पढ़ रहा है। तरास शेनचेंको राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, कीव से एमबीबीएस कर रहे नीलाभ ने शनिवार को जागरण से विशेष बातचीत की।

कदमा निवासी नीला सेनगुप्‍ता व यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे उनके पुत्र नीलाभ सेनगुप्‍ता

उसने बताया कि यूक्रेन की राजधानी कीव में कोराना वायरस से 70 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके बाद से ऐहतियातन यूक्रेन की सरकार सख्त हो गई है। सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है। एक अप्रैल तक के लिए सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। दूरस्थ शिक्षा चल रही है। शिक्षक असाइनमेंट ऑनलाइन दे रहे हैं और उसे हम ऑनलाइन ही पूरा कर रहे हैं। मास्क पहनकर लोग सफर कर रहे हैं। सबके चेहरे पर भय नजर आ रहा है। वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से फिलहाल नए मामले सामने नहीं आए हैं। बावजूद इसके माहौल बदला-बदला हुआ है। 

 मैं सशंकित हूं। भय सता रहा है। बेटा आंखों से दूर है। मोबाइल फोन से बातचीत के दौरान बेटा बता रहा था कि पढ़ाई बंद कर दी गई है। कह रहा था कि जमशेदपुर आना चाह रहा हूं। जून के अंतिम सप्ताह में वह आने वाला है। टिकट भी हो चुका है। इसी बीच कोरोना  दुनियाभर में कहर ढाने लगा है। आर्थिक समस्या है। इसकी वजह से टिकट को कैंसिल नहीं करा रही हूं। बहुत परेशान हूं। बेटे की असुरक्षा का भाव मन में आ रहा है। चिंतित हूं। शेष सबकुछ ईश्वर के ऊपर छोड़ दिया है। -नीला सेनगुप्ता, कदमा, जमशेदपुर     

  

Posted By: Vikas Srivastava

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