बोले विधायक

  • गांवों से आए दिन राशन नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंच रहे लोग
  • कहा, पुरानी वितरण व्यवस्था ही गांवों में लागू करने की जरूरत

जमशेदपुर, जेएनएन।  : ई-पॉश मशीन और ऑनलाइन सिस्टम के चक्कर में उलझ कर हर माह बड़ी संख्या में जरूरतमंद कार्डधारी जनवितरण प्रणाली की दुकानों से राशन लेने से वंचित रह जाते हैं। समस्या इतनी जटिल हो गई है कि कई कार्डधारी वर्षों से चक्कर काट रहे हैं। सरकारी प्रावधान है कि किसी भी जरूरतमंद को किसी सूरत में राशन पाने से वंचित नहीं रखना है। लेकिन, इन नियम कायदों के बावजूद कोई उनकी सुनने वाला नहीं है।

दैनिक जागरण कई दिनों से इस समस्या पर विभिन्न पक्षों की बात सामने रख रहा है। पड़ताल के क्रम में केस स्टडी सामने आने के बाद डीलर, मुखिया, प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री की बातें भी सामने आ चुकी हैं। हर कोई मान रहा कि समस्या गंभीर है। सुधार के कई उपाय भी सुझाए जा चुके हैं। इस कड़ी में कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र के विधायकों की भी राय ली गई। उन्होंने भी इस समस्या के निदान के लिए कई सुझाव दिए। जल्द खत्म होगी ऑनलाइन वितरण व्यवस्था : निरल

मझगांव के विधायक निरल पूरती ने कहा कि सरकार जनवितरण प्रणाली की दुकानों से ऑनलाइन सिस्टम हमेशा के लिए खत्म करने वाली है। पिछली राज्य सरकार ने इस सिस्टम को लागू किया था। लेकिन, इससे गरीब परेशान हो रहे हैं। गांवों में नेटवर्क काम नहीं करता है। बुजुर्गों के अंगूठे का निशान नहीं उभरता। अंतत: उनका राशन लैप्स कर जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ऑनलाइन सिस्टम खत्म करने की मांग की थी, जिसे उन्होंने मान लिया है। आने वाले दिनों में ऑनलाइन व्यवस्था खत्म हो जाएगी। पहले की तरह ही राशन कार्ड पर राशन आवंटित होगा।

सिस्टम की समीक्षा के लिए सीएम से करेंगे आग्रह : दीपक

चाईबासा के विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कि राशन हासिल करना हर गरीब का अधिकार है। लेकिन पिछली सरकार ने इसे मजाक बना कर रख दिया था। जिस क्षेत्र में जाते हैं लोग राशन कार्ड नहीं होने की शिकायत करते हैं। सदर प्रखंड के प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम में गए तो पता चला कि पश्चिम सिंहभूम में सात हजार पांच सौ परिवार को राशन कार्ड से जोडऩे के लिए वैकेंसी निकाली गई है। इसमें तय लोग ही लाभ ले सकते हैं। दीपक ने कहा कि क्या सरकार नौकरी देने के लिए वैकेंसी निकाली थी। गरीबों को मजाक बना कर रख दिया गया था। ऑनलाइन सिस्टम से कई लोग राशन लेने से वंचित रह जाते हैं। दुकानदार भी परेशान रहते हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर सिस्टम की समीक्षा करने का आग्रह किया जाएगा। 

मैनुअल से राशन दिलाने की करूंगा पहल : रामदास

 घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन ने कहा कि उनके क्षेत्र में बड़ी संख्या में गरीब राशन कार्ड के बावजूद तकनीकी खामियों के कारणों राशन लेने से वंचित रह जाते हैं। मजदूरी करने के कारण कई के अंगूठे का निशान नहीं उभर पाता है, ऐसे जरूरतमंदों को मैनुअल राशन मिलना चाहिए। आरोप लगाया कि पिछली सरकार की खामियों के कारण यह परेशानी उठानी पड़ रही है। यह भी कहा कि राज्य सरकार से इस संबंध में बात करेंगे। 

 राज्य सरकार को परेशानी से कराऊंगा अवगत : समीर 

बहरागोड़ा क्षेत्र के विधायक समीर महंती कहते हैं कि बायोमेट्रिक सिस्टम से डीलर और कार्डधारी दोनों परेशान हैं। विधानसभा में इस समस्या को रख कर राज्य सरकार को परेशानी से अवगत कराएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की सुविधा नहीं होने के कारण डीलर और कार्डधारियों को कभी पहाड़ तो कभी पेड़ पर चढ़ कर अंगूठे का निशान लगाना पड़ता है। यह भी कहा कि पहले वाली व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

पहले की तरह ही हो राशन वितरण सिस्टम : दशरथ

खरसावां क्षेत्र के विधायक दशरथ गागराई भी मानते हैं कि उनके क्षेत्र में राशन कार्ड रहने के बावजूद तकनीकी कारणों से बड़ी संख्या में लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए पूर्व की सरकार द्वारा बनाए गए सिस्टम को दोषी मानते हैं। कहते हैं कि सुदूर पहाड़ों में बसे गांवों के लिए यह ऑनलाइन सिस्टम बेमानी है। परेशान करने वाली है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अगले सत्र में इस समस्या को शिद्दत के साथ उठाएंगे। राज्य सरकार से मांग करेंगे कि पूर्व की तरह ही राशन वितरण सिस्टम हो।

ऑफलाइन वितरण व्यवस्था लागू करने की करूंगी मांग : जोबा

मनोहरपुर क्षेत्र की विधायक जोबा माझी ने कहा कि आए दिन जरूरतमंद राशन नहीं मिलने की शिकायत उनसे भी करते हैं। इस आनलाइन सिस्टम को भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर लागू नहीं किया गया। अब यह जरूरतमंदों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सरकार से आफलाइन वितरण व्यवस्था लागू करने की मांग की जाएगी। कहा कि शीघ्र ही इस समस्या का निराकरण हो जाएगा।

 राशन वितरण की पुरानी व्यवस्था ही बेहतर : सुखराम

चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्र की कौन कहे, नेटवर्क नहीं होने से शहर के करीब वाले इलाकों में भी लोग राशन लेने से वंचित रह जाते हैं। आए दिन शिकायतें मिल रही हैं। पहले वाली वितरण व्यवस्था बेहतर थी। उसे ही लागू करने की जरूरत है। वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। सरकार से पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग करेंगे।

 मंत्री से मिल पुरानी वितरण व्यवस्था लागू करने की मांग करेंगे : संजीव

पोटका क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार ने कहा कि यह सही है कि ई-पॉश मशीन में अंगुली के निशान नहीं उठने, नेटवर्क काम नहीं करने और अन्य कारणों से ग्रामीणों को राशन नहीं मिल पाता है, जबकि जरूरतमंद के पास राशन कार्ड रहता है। ग्रामांचलों में यह समस्या  और गंभीर है। इस समस्या के निदान के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए विभागीय मंत्री से मिलकर पुरानी वितरण व्यवस्था लागू करने की मांग करेंगे। 

सुदूरवर्ती गांवों के लिए बेकार है ऑनलाइन सिस्टम : मंगल

जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी कहते हैं कि ई-पॉश मशीन सिस्टम में कई खामियां हैं। सुदूरवर्ती गांवों में कई स्थानों पर नेटवर्क नहीं रहता है, ऐसे में जरूरतमंद राशन से वंचित रह जाते हैं। इस सिस्टम को शीघ्र बदलने की जरूरत है। इसके लिए खाद्य आपूर्ति मंत्री से मिलकर समस्या का निदान करने की मांग करेंगे। राशन डीलर जानते-पहचानते हुए भी मशीन में निशान नहीं उठने के कारण राशन नहीं देते हैं।

गड़बड़ी दृर करने के लिए राशनिंग सिस्टम की होगी समीक्षा : बन्ना

झारखंड सरकार के मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी को राशन मिले, यह हर नागरिक का अधिकार है। किसी सूरत में भूख से मौत नहीं हो। मुख्यमंत्री के अलावा सरकार भी इसके लिए गंभीर है। इस बात की निगरानी करेंगे कि जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में राशनिंग सिस्टम में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो। जरूरतमंदों को समय पर राशन मिले। यदि कहीं सिस्टम में दिक्कत है तो इसकी समीक्षा की जाएगी।

 

Posted By: Rakesh Ranjan

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस