जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : कोविड 19 का थर्ड वेव तेजी से पूरे देश में फैल रहा है। हालांकि ओमिक्रोन के ज्यादा मरीज नहीं मिले हैं लेकिन देश भर में ओमिक्रोन मानकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे में जिन लोगों को ब्लड प्रेशर, शुगर व हार्ट संबंधी बीमारी है उन्हें इस दौरान ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी क्योंकि इन बीमारियों के साथ आपको ओमिक्रोन होता है तो वह जानलेवा हो सकता है। यह कहना है टाटा स्टील के मेडिकल एडवाइजर डा. राजन चौधरी का।

शुक्रवार शाम टेली कांफ्रेंस द्वारा मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी। बकौल डा. चौधरी, ब्लड प्रेशर, शुगर व हार्ट के जो भी मरीज हैं उन्हें खास सावधानी बरतनी होगी। अच्छा हो कि वे घर पर ही रहें और उनके डाक्टर ने जो दवा बताई है उसे नियमित रूप से खाएं। क्योंकि जिन मरीजों को दूसरी बीमारियां होती हैं उन्हें कोविड 19 का वायरस काफी प्रभावित करता है।

झारखंड और ओडिसा में टाटा स्टील ने किया स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर

डा. राजन चौधरी ने बताया कि कोविड 19 के सेकेंड वेव के समय ही हम सभी को यह अनुमान हो गया था कि थर्ड वेव भी आएगा। इसलिए केवल टीएमएच ही नहीं बल्कि झारखंड और ओडिशा के सभी लोकेशन में टाटा स्टील ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया। टीएमएच पाइपलाइन से आक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई। साथ ही झारखंड में झरिया, वेस्ट बोकारो और नोवामुंडी के अलावा ओडिशा में कलिंगनगर व जोड़ा में संचालित अस्पताल में 50-50 आक्सीजन बेड व 40 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की।

ए-सिम्टोमैटिक हैं तो घर पर रहें

टाटा स्टील के मेडिकल एडवाइजर डा. राजन चौधरी।

डा. चौधरी ने सभी शहरवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर में दर्द की समस्या है तो वे घर पर रहें। ए-सिम्टोमैटिक हैं तो खुद को होम आइसोलेशन में रखें। स्वजनों के सामने भी मास्क लगाकर रखें। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा। डा. चौधरी ने कहा कि सात दिन खुद को अलग रखें और अंतिम के तीन दिन यदि आपको बुखार नहीं है तो आप अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल हो सकते हैं। लेकिन आपको बुखार रहता है तो आपके लिए कोविड टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है। ऐसा कर आप अपने स्वजन, पडोसियों और समाज का ही भला करेंगे।

केएसएमएस में रखे गए मरीज

डा. चौधरी ने बताया कि थर्ड वेव को देखते हुए साकची स्थित केरला समाजम मॉडल स्कूल में 350 व ग्रेजुएट कॉलेज में 160 बेड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केएसएमएस में 42 मरीजों को रखा गया है जो ए सिम्टोमैटिक व माइल्ड अवस्था के हैं।

डाक्टर बताएंगे मरीजों का हाल

कोविड 19 के पहले व दूसरे वेव के समय यह समस्या आई कि टीएमएच में भर्ती मरीजों के बारे में उनके स्वजनों को जानकारी नहीं मिल पा रही है। लेकिन टीएमएच प्रबंधन ने इसे समझा और आइटी की मदद से जो मरीज भर्ती हैं उनके स्वजनों को दर्ज कराए गए मोबाइल नंबर पर मरीज की रिपोर्ट भेजी गई। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब सोमवार से डाक्टर ही मरीजों का हालचाल बताएंगे। नई व्यवस्था के तहत 1ए के मरीजों के बारे में दोपहर 12 से एक बजे। 7ए के मरीजों के बारे में 10 से 11 बजे और 7बी के मरीजों के बारे में सुबह 11 से 12 बजे के बीच डाक्टर उनके स्वजनों को बताएंगे।

Edited By: Rakesh Ranjan