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NIT जमशेदपुर में मास्टर ऑफ डिजाइन के लिए मई से होगा एडमिशन, हाईब्रिड मॉडल में होगी पढ़ाई; CEED पास करना जरूरी

Published: Tue, 28 Apr 2026 03:05 PM (IST)

एनआईटी जमशेदपुर मई 2026 से अपने मास्टर ऑफ डिजाइन (एम.डेस) कार्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया (NIT Admission 2026) शुरू करेगा, जो ऑफलाइन और हाइब्रिड दोनों माध्यमों में उपलब्ध होगा।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर। फाइल फोटो

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर। फाइल फोटो  

HighLights

  1. एम.डेस प्रवेश मई 2026 से शुरू होगा।

  2. पढ़ाई ऑफलाइन और हाइब्रिड माध्यम में होगी।

  3. CEED/GATE/NET स्कोर से मिलेगा प्रवेश।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), जमशेदपुर शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए अपने मास्टर ऑफ डिजाइन (एम. डेस) कार्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया मई 2026 के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करेगा।

यह कार्यक्रम डिजाइन एंड इनोवेशन सेंटर (डीआइसी) के माध्यम से संचालित किया जाएगा और इसे लचीले स्वरूप में तैयार किया गया है, जिससे इसे ऑफलाइन तथा हाइब्रिड (ब्लेंडेड) दोनों माध्यमों में संचालित किया जा सके।

यह व्यवस्था विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों तथा कार्यरत पेशेवरों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी। संस्थान द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बांबे के साथ किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत अब प्रवेश राष्ट्रीय स्तर की कामन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिज़ाइन (सीड) के माध्यम से भी संभव होगा, जिससे कार्यक्रम की राष्ट्रीय पहुंच और शैक्षणिक गुणवत्ता में और वृद्धि होगी।

इन कैंडिडेट्स को मिलेगी प्राथमिकता

प्रवेश नियमों के अनुसार यह कार्यक्रम इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, डिजाइन, कला तथा विज्ञान विषयों में स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री धारकों के लिए खुला है। वैध सीड, गेट या नेट स्कोर वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सीड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को संस्थान की प्रवेश परीक्षा (आइएट) से छूट दी जा सकती है तथा उन्हें सीधे साक्षात्कार या पोर्टफोलियो मूल्यांकन के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

पात्र अभ्यर्थियों (विशेष रूप से सीड/गेट/नेट योग्य) को भारत सरकार के मानकों के अनुसार छात्रवृत्ति भी प्रदान किया जाएगा। दो वर्षीय एम.डेस (प्रोडक्ट डिजाइन) कार्यक्रम में उपयोगकर्ता-केंद्रित डिजाइन, एर्गोनामिक्स, रचनात्मकता तथा इंजीनियरिंग के समेकन पर विशेष बल दिया गया है। इस कोर्स में मात्र 20 सीटों पर नामांकन होगा।

यह कार्यक्रम नवाचार और डिजाइन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हमें विश्वास है कि यह विद्यार्थियों को रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता के समन्वय के साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में सक्षम बनाएगा। - प्रो. डा. गौतम सूत्रधर, निदेशक, एनआइटी, जमशेदपुर।

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