मुजतबा हैदर रिजवी, जमशेदपुर : रांची महुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-33) का निर्माण अब तीन कंपनियां मिलकर करेंगी। एनएच-33 को तीन हिस्सों में बांट कर टेंडर निकाला जाएगा। तीनों हिस्से का काम अलग-अलग कंपनियों से कराने का निर्णय लिया गया है। रांची रिंग रोड का टेंडर अलग से होगा। नवंबर से इस जर्जर एनएच-33 का निर्माण शुरू हो जाएगा। एनएचएआइ (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) मुख्यालय के जीएम वीके ठाकुर ने टेंडर प्रक्रिया की पूरी जानकारी पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन को पत्र लिख कर दी है।

एनएच-33 के निर्माण की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) दिल्ली में तैयार हो रही है। पुरानी ठेका कंपनी मधुकॉन ने जितना काम किया है, उसका आकलन किया जाएगा। इसके बाद बचे हुए काम का आकलन होगा। बचे हुए काम की वर्तमान बाजार दर के हिसाब से डीपीआर तैयार होगी। एनएचएआइ के अधिकारियों का कहना है कि एनएच-33 को तीन हिस्सों में बांट कर बनाने से काम नहीं फंसेगा। कंपनियां आसानी से निर्माण कार्य पूरा कर लेंगी। साथ ही एनएचएआइ को निगरानी में दिक्कत भी नहीं होगी। एनएचएआइ के इंजीनियर एनएच-33 का सर्वे करने के बाद सुविधा के अनुसार इसे तीन हिस्सों में बांटेंगे।

सितंबर के अंत तक हो जाएगा टेंडर एनएचएआइ मुख्यालय के अनुसार एनएच-33 के निर्माण का नया टेंडर सितंबर के अंत तक निकाल दिया जाएगा। अक्टूबर के पहले हफ्ते तक इसकी सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। ठेकेदार कंपनी से जल्द काम शुरू कराया जाएगा।

मधुकॉन के एग्रीमेंट पर फैसला 26 को एनएचएआइ क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार एनएचएआइ के साथ एनएच-33 के निर्माण को लेकर मधुकॉन कंपनी से हुआ करार अभी रद नहीं हुआ है। इस मामले में 26 सितंबर को रांची हाईकोर्ट में सुनवाई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में कंपनी और एनएचएआइ को मिलकर बात करने को कहा था। 26 सितंबर को हाईकोर्ट में बात रखी जाएगी। करार रद करने संबंधी सवाल पर हाईकोर्ट फैसला देगा।

फ्लाईओवर का डीपीआर तैयार, जल्द होगा काम रांची महुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग यानी एनएच-33 पर एनएचएआइ जमशेदपुर के पारडीह काली मंदिर से बालीगुमा तक फ्लाईओवर का निर्माण कराएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार हो गया है। एनएच-33 निर्माण का नए सिरे से टेंडर होने के बाद पारडीह काली मंदिर से बालीगुमा तक फ्लाईओवर निर्माण का टेंडर होगा। यह फ्लाईओवर होटल सिटी इन के करीब से शुरू होकर बालीगुमा तक जाएगा।