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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'जय जगन्‍नाथ..'! राज्‍यपाल बनते ही रघुवर दास ने कहा- प्रभु का आशीर्वाद है, महज एक बूथ कार्यकर्ता से हुई थी सफर की शुरुआत

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Fri, 20 Oct 2023 09:58 AM (IST)

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके रघुवर दास ओडिशा के नए राज्‍यपाल बनाए गए हैं। इससे ...और पढ़ें

एग्रीको आवास पर रधुवर दास द्वारा प्रेसवार्ता। जागरण
एग्रीको आवास पर रधुवर दास द्वारा प्रेसवार्ता। जागरण

HighLights

  1. 1977 में जनता पार्टी के सदस्‍य बने।
  2. 1980 में भाजपा की स्‍थापना के साथ सक्रिय राजनीति में आए।
  3. 1995 में पहली बार जमशेदपुर पूर्वी से विधायक चुने गए।
  4. 2019 में विधानसभा चुनाव हारे, भाजपा के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष बने।

जासं, जमशेदपुर। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व झारखंड के निवर्तमान मुख्यमंत्री रघुवर दास ओडिशा के राज्यपाल बनाए गए हैं। यह सूचना बुधवार को देर रात आग की तरह फैल गई। कुछ देर पहले रघुवर सिदगोड़ा के सिनेमा मैदान में आजसू नेता चंद्रगुप्त सिंह के पूजा पंडाल का उद्घाटन कर एग्रिको स्थित आवास लौटे ही थे कि उन्हें फोन पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।

संगठन के आदेश का पालन करेंगे: रघुवर दास

घर के बाहर भी भीड़ जुटने लगी। ऐसे में दैनिक जागरण से उन्होंने कहा, जय जगन्नाथ। हम तो संगठन के सिपाही हैं, जो भी आदेश होगा, उसका सहर्ष पालन करेंगे। भगवान जगन्नाथ की धरती पर सेवा करने का जो अवसर मिला है, उसे भगवान का आशीर्वाद समझता हूं।

रघुवर का राज्यपाल बनना लौहनगरी सहित पूरे राज्य में भाजपा की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। रघुवर दास का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि भाजपा में अदना कार्यकर्ता भी देश की राजनीति में शिखर पर पहुंच सकता है।

बूथ कार्यकर्ता से की थी करियर की शुरुआत

उन्होंने करियर की शुरुआत बूथ कार्यकर्ता से की थी, जिसके बाद 1995 से 2014 तक जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार न केवल विधायक रहे, बल्कि अंतिम चुनाव में भारी बहुमत से विजयी होने के बाद झारखंड के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए गए।

मुख्यमंत्री रहते स्थानीयता नीति के ऊहापोह समाप्त करते हुए राज्य में भर्तियों की शुरुआत कर दी। आज भी रघुवर दास के बनाए 1985 के कटआफ डेट पर नियुक्ति हो रही है।

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साल 2019 में मिला था झटका

जहां तक शहर व राज्य की राजनीति की बात है, तो रघुवर राज्य में मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि, 2019 का चुनाव इनके लिए बड़ा झटका साबित हुआ, जिसमें ये स्वयं न केवल चुनाव हार गए थे, बल्कि भाजपा भी दूसरे नंबर पर आ गई।

इसके बाद इन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर संगठन में प्रोन्नति दी गई। यही नहीं, गृह मंत्री अमित शाह के साथ ये यूपी में सरकार गठन के प्रभारी बनाए गए थे।

पीएम का आ गया था फोन

रघुवर दास के राज्यपाल बनने की खबर भले ही देर रात को आई, लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी का फोन दिन में ही आ गया था।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें दोपहर में फोन किया था, उन्होंने कहा कि आपको नई जिम्मेदारी दे रहे हैं, जिससे अच्छे से निभाना है। हालांकि यह किसी को पता नहीं था कि नई जिम्मेदारी की घोषणा इतनी जल्दी हो जाएगी।

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