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साकची में एनडीए की पदयात्रा: एक ही मंच पर दिखे रघुवर-सरयू और मधु कोड़ा, पुराने सियासी गिले-शिकवे हुए दूर

Published: Thu, 05 Nov 2026 08:17 PM (IST)

जमशेदपुर के साकची में एनडीए की पदयात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सरयू राय और मधु कोड़ा एक मंच पर ...और पढ़ें

जमशेदपुर में एक ही मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की अभूतपूर्व जुगलबंदी देखने को मिली।

जमशेदपुर में एक ही मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की अभूतपूर्व जुगलबंदी देखने को मिली।

HighLights

  1. रघुवर दास, सरयू राय, मधु कोड़ा एक मंच पर।

  2. एनडीए की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा।

जासं, जमशेदपुर। राजनीति के कैनवास पर वक्त के साथ समीकरण किस तरह बदलते हैं, इसका अनूठा नजारा गुरुवार को जमशेदपुर के ऐतिहासिक साकची आमबागान में देखने को मिला। 
 
एनडीए की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान एक ही मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की अभूतपूर्व जुगलबंदी देखने को मिली। मंच पर पुरानी कड़वाहटों के पिघलने की यह तस्वीर चर्चा का केंद्र बन गई।
 
यह वही सरयू राय हैं जिन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को जमशेदपुर पूर्वी से शिकस्त दी थी। 
 
वहीं, जिस मधु कोड़ा के चर्चित खनन मामले की परतें खोलने में सरयू राय मुख्य भूमिका में रहे थे, वे भी आज उसी एनडीए मंच पर मौजूद थे। 
 
जब रघुवर दास, सरयू राय, मधु कोड़ा, सांसद विद्युत वरण महतो और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर हवा में उठाया, तो कार्यकर्ताओं के नारों और तालियों से पूरा मैदान गूंज उठा।
 

कड़कती धूप में कार्यकर्ताओं का उमड़ा हुजूम 

नवंबर की चिलचिलाती धूप नेताओं और कार्यकर्ताओं की कड़ी परीक्षा ले रही थी। मंच पर संजय सेठ और रघुवर दास गमछे व कागजों से हवा झलते दिखे। 
 
वहीं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू धूप से बचने के लिए अपनी साड़ी का आंचल सिर पर ढाल बनाकर बैठी नजर आईं। 
 
मैदान में 28 मंडलों से जुटे हजारों कार्यकर्ताओं के हाथों में लहराते केसरिया झंडे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदमकद कटआउट ने माहौल को पूरी तरह से चुनावी रंग में रंग दिया।
 

कार्यकर्ताओं में दिखा नया उत्साह 

मंच पर पुराने सियासी विरोधियों की यह एकजुटता देख कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। बारीडीह से आए कार्यकर्ता रंजीत सिंह ने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी शत्रु नहीं होता और आज सियासत की गंगा-यमुना एक ही घाट पर मिल गई हैं। 
 
वहीं कदमा के युवा समर्थक विकास पांडेय ने कहा कि धूप जरूर तीखी थी, लेकिन बड़े नेताओं को एक साथ हाथ मिलाते देख कार्यकर्ताओं का जोश दोगुना हो गया है। 
 
एनडीए की यह पदयात्रा क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक एकजुटता के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

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