सरायकेला : एक करोड़ की इनामी राशि वाले नक्सली किशन की गिरफ्तारी के बावजूद नक्सलियों का कोहराम जारी है। सोमवार देर रात नक्सलियाों ने खूंटी और सरायकेला जिले के सीमा में स्थित पुनीसीर जेजे पुलिस कैंप पर हमला कर दिया। इसके बाद वानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई। जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

नक्सली अमित ने दिया हमले को अंजाम

जानकारी के मुताबिक जेजे पुलिस कैंप पर हमला नक्सली अमित मुंडा और उनके दस्ते ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए किया है। घटना के बाद जेजे कैंप के आसपास के जगलों में सरायकेला और खूंटी पुलिस संयुक्त रूप से सर्च अभियान चला रही है। नक्सली प्रशांत बोस और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों द्वारा पीएलजीए स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। पीएलजीए स्थापना दिवस दो दिसंबर से आठ दिसंबर तक मनाया जा रहा है। लगातार नक्सलियों की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन कमजोर होते जा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि वे बौखलाए हुए हैं।

प्रशांत बोस की गिरफ्तारी से नक्सलियों में बेचैनी

खुफिया एजेंसियों ने झारखंड-बिहार की पुलिस को नक्सलियों की तरफ से किसी बड़ी घटना की साजिश की आशंका पर अलग-अलग रिपोर्टें दी हैं. भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता प्रशांत बोस (Prashant Bose) और उनकी पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी और गढ़चिरौली में नक्सलियों के खिलाफ पिछले दिनों हुई बड़ी कार्रवाई के बाद से नक्सली संगठन में जबर्दस्त बौखलाहट है।

नवंबर में कई घटनाओं को दिया अंजाम

नवंबर के अंतिम सप्ताह में राजधानी रांची से लगभग 50 किलोमीटर दूर अड़की प्रखंड के कोचांग पुलिस पिकेट पर नक्सलियों के एक दस्ते ने हमले की कोशिश की थी। उन्होंने पिकेट को लक्ष्य बनाकर कई राउंड फायरिंग की, जिसका पुलिस ने भी जोरदार जवाब दिया। दोनों ओर से लगभग 100 राउंड फायरिंग हुई. सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया. पुलिस को भारी पड़ते देख नक्सली भाग खड़े हुए।

27 नवंबर को गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड स्थित कुरूमगढ़ थाना के नए भवन को नक्सलियों ने बम से उड़ा दिया था। नक्सलियों ने सो रहे मजदूरों को पहले बंधक बनाया था और भवन को बम लगाकर उसे उड़ा दिया।

हाल ही में खुफिया विभाग ने छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की पुलिस को भी अलर्ट किया है। एक तरफ पुलिस और अर्धसैनिक बल नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, तो दूसरी तरफ नक्सली अपने संगठन की मजबूत मौजूदगी का अहसास कराने की रणनीति में जुटे हैं।

Edited By: Jitendra Singh