नवरात्र पर 'नाइट क्लब' संस्कृति का विरोध, जमशेदपुर में गरबा आयोजनों पर सख्ती की मांग
जमशेदपुर में नवरात्र के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों में अश्लीलता व फूहड़ता परोसने का हिंदू संगठनों ने विरोध किया ...और पढ़ें

नवरात्र पर नाइट क्लब संस्कृति का विरोध
HighLights
गरबा-डांडिया आयोजनों में अश्लीलता और फूहड़ता परोसने का आरोप।
बजरंग सेवा संस्थान ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग।
आयोजकों पर सुरक्षा और पहचान सत्यापन के सख्त नियम लागू हों।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। आस्था और शक्ति के महापर्व नवरात्र के नाम पर शहर में गरबा व डांडिया आयोजनों की आड़ में अश्लीलता और फूहड़ता परोसी जा रही है। शहर के प्रमुख मैदानों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के प्रचार के लिए इंटरनेट मीडिया पर अर्धनग्न तस्वीरों वाले पोस्टर जारी किए जा रहे हैं।
धार्मिक परंपरा के इस घिनौने बाजारीकरण को लेकर हिंदू संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है। बजरंग सेवा संस्थान ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर आयोजनों की अनुमति पर पुनर्विचार और सख्त दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की है।
पोस्टरों में अश्लीलता, मर्यादा तार-तार
बिष्टुपुर के रीगल मैदान में 15 अक्टूबर को आयोजित होने वाले नवरंग डांडिया नाइट 2.0 और साकची के बाराद्वारी मैदान में 14 अक्टूबर को प्रस्तावित गरबा महोत्सव के विज्ञापनों में युवतियों की अर्धनग्न व भड़काऊ तस्वीरें छापी गई हैं।
डीजे कायरा विल्सन व डीजे एलीना के नाम पर कपल पास की आड़ में व्यावसायिक फूहड़ता फैलाई जा रही है। धार्मिक आस्था के केंद्र गरबा को डिस्को और नाइट क्लब की संस्कृति में धकेलने की इस कोशिश पर शहरवासियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पहचान छुपाकर प्रवेश और सुरक्षा का संकट
बाराद्वारी मैदान में एसके अखलाक और मनीषा भुइयां द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम पर संगठन ने विशेष आपत्ति जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि गैर-हिंदू व्यक्तियों द्वारा व्यावसायिक लाभ के लिए सनातन आस्था का दोहन किया जा रहा है। पिछले वर्ष टेल्को में डांडिया के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़, अभद्रता और मारपीट की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आयोजकों की नीयत और सुरक्षा की पहले जांच जरूरी है।
बिना पहचान सत्यापन नहीं मिले प्रवेश
बजरंग सेवा संस्थान के जिलाध्यक्ष धर्मवीर कुशवाहा, संस्थापक सागर तिवारी और महासचिव प्रदीप सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि आयोजन स्थल पर टिकट वितरण व प्रवेश के समय आधार कार्ड की जांच अनिवार्य की जाए।
साथ ही महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और किसी भी तरह की छेड़छाड़ की स्थिति में आयोजकों पर सीधी कानूनी जवाबदेही तय की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि धार्मिक मर्यादा का हनन रुका नहीं, तो हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा।
