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24 वर्षों तक देश की सरहद की रक्षा कर घर लौटे सैनिक कमलेश, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ हुआ भव्य स्वागत

Published: Fri, 02 Oct 2026 05:00 PM (IST)

कमलेश कुमार, जिन्होंने 24 वर्षों तक भारतीय सेना में देश की सेवा की, सेवानिवृत्त होकर मुसाबनी स्थित अपने घर लौटे। ...और पढ़ें

कमलेश कुमार 24 साल की सैन्य सेवा के बाद घर लौटे। जागरण

कमलेश कुमार 24 साल की सैन्य सेवा के बाद घर लौटे। जागरण

HighLights

  1. कमलेश कुमार 24 साल की सैन्य सेवा के बाद घर लौटे।

  2. परिवार और रिश्तेदारों ने भावुक होकर उनका भव्य स्वागत किया।

संवाद सूत्र, मुसाबनी। देश की सरहदों पर 24 वर्षों तक अपनी वीरता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ सेवाएं देने के बाद जब मुसाबनी निवासी सेना के जवान कमलेश कुमार सेवानिवृत्त होकर अपने घर लौटे, तो उनके स्वागत में पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। घर से लेकर ससुराल तक उनके स्वागत की ऐसी तैयारियां की गईं कि माहौल उत्सव में बदल गया।

मां ने आरती उतारी, सास ने तिलक-चंदन लगाकर दामाद का अभिनंदन किया और पत्नी अनुराधा रानी ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। परिवार के सदस्यों ने फूल-मालाएं पहनाकर, बुके भेंटकर और आतिशबाजी के साथ अपने वीर सपूत के घर लौटने की खुशी मनाई।

कमलेश कुमार ने 20 सितंबर 2002 को आर्मी की 25 एयर डिफेंस रेजिमेंट में अपना योगदान दिया था। नासिक और बेंगलुरु में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने देश के विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। उनकी तैनाती अंबाला, जोधपुर, ग्वालियर, उधमपुर, मुंबई तथा जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, पुंछ और श्रीनगर जैसे क्षेत्रों में रही।

जम्मू-कश्मीर में लगभग 13 वर्षों तक सेवाएं देते हुए उन्होंने आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। दो दशक से अधिक समय तक वर्दी पहनकर देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले कमलेश के लिए घर वापसी का यह पल भावुक कर देने वाला था।

उनकी मां यशोदा देवी ने बेटे की आरती उतारकर उसे आशीर्वाद दिया, वहीं सास शीला देवी ने तिलक-चंदन लगाकर उनका अभिनंदन किया। पत्नी अनुराधा रानी और परिवार के अन्य सदस्यों ने फूल-मालाओं और गुलदस्तों से उनका स्वागत किया। केक काटकर भी इस खास अवसर का जश्न मनाया गया।

कमलेश की सेवानिवृत्ति के बाद घर वापसी पर उनके रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर उनके ससुर सूर्यनारायण ठाकुर, साला सुमित कुमार, सरहज शीतल कुमारी, किरण सिंह, सिको पासवान समेत अन्य लोगों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। कमलेश की 24 वर्षों की सैन्य सेवा उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है।

सरहदों की चुनौतियों के बीच जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष देश के नाम समर्पित करने के बाद अब वह अपने परिवार और समाज के बीच नई पारी की शुरुआत करेंगे। उनके घर लौटने पर जिस तरह खुशियां मनाई गईं, उससे साफ झलक रहा था कि परिवार को अपने इस सैनिक पर कितना गर्व है। देश की सेवा में बिताए वर्षों की यादों और अपनों के स्नेह के बीच कमलेश की यह घर वापसी उनके जीवन का यादगार पल बन गई। 

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