चीन में भारत को जिताया 'गोल्ड', पर घर में न नल, न शौचालय! गुमला की बेटी पार्वती तोपनो की आंखों में छलके आंसू
चीन में जूनियर महिला एशिया कप में गोल्ड जीतकर लौटीं गुमला की हॉकी खिलाड़ी पार्वती तोपनो का कामडारा में भव्य ...और पढ़ें

पार्वती तोपनो ने चीन में जूनियर महिला एशिया कप में गोल्ड जीता। जागरण
HighLights
पार्वती तोपनो ने चीन में जूनियर महिला एशिया कप में गोल्ड जीता।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के घर में पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं।
संवाद सूत्र, कामडारा (गुमला)। जब हाथों में तिरंगा और गले में गोल्ड मेडल होता है, तो पूरा देश गर्व से झूम उठता है... लेकिन चीन में आयोजित एशिया कप में भारत को 'सोना' दिलाकर जब गुमला (झारखंड) की बेटी पार्वती तोपनो अपने गांव लौटीं, तो उनके घर की तस्वीर ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
देश के लिए हॉकी मैदान पर गोल्ड मेडल जीतकर कामडारा की बेटी पार्वती तोपनो जब अपने गांव लौटीं तो कामडारा हॉकी मैदान में डे-बोर्डिंग सेंटर के खिलाड़ियों ने उनका भव्य स्वागत किया। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाली इस खिलाड़ी के घर की तस्वीर सरकारी दावों और सुविधाओं की हकीकत पर सवाल खड़े करती है।
पार्वती जिस कच्चे खपरैल के मकान में पली-बढ़ीं, वहां आज भी न पानी की सुविधा है और न शौचालय। बीते चार से 13 सितंबर 2026 तक चीन में आयोजित जूनियर महिला एशिया कप में पार्वती गुमला जिले की इकलौती हॉकी खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम का हिस्सा रहीं।

इससे पहले वर्ष 2025 में चिली में आयोजित जूनियर महिला विश्व कप में भी उन्होंने हिस्सा लिया था। राष्ट्रीय स्तर पर पार्वती सिमडेगा, मणिपुर, राउरकेला, ग्वालियर, पंजाब और चेन्नई सहित कई स्थानों पर खेल चुकी हैं। अभ्यास मैचों के लिए अर्जेंटीना, जर्मनी और इंग्लैंड में भी खेलने का अवसर उन्हें मिला है।
कामडारा के कुम्हार टोली निवासी सोमा तोपनो और जानो तोपनो की तीन संतानों में पार्वती सबसे छोटी बेटी हैं। पिता मजदूरी और राजमिस्त्री का काम करते हैं। भाई सूरज प्रदेश में मजदूरी करते हैं, जबकि एक बहन भी बाहर रहती है।
आर्थिक तंगी के बीच पार्वती ने मेहनत और लगन से हॉकी में अपनी पहचान बनाई। पार्वती ने वर्ष 2017 में कामडारा हाकी डे-बोर्डिंग सेंटर से खेल की शुरुआत की। इसके बाद छह वर्ष तक बारियातू सेंटर, एक वर्ष मोरहाबादी और फिर बेंगलुरु एनसीओई में प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं।
उपायुक्त से परिवार को उम्मीद
पार्वती की सफलता पर माता-पिता, रिश्तेदार, कोच और जिलेवासियों ने बधाई दी। जिला परिषद सदस्य दीपक कंडुलना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए गोल्ड जीतने वाली पार्वती के घर की समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखकर समाधान कराने का प्रयास करेंगे। अब उम्मीद है कि जिस बेटी ने देश का मान बढ़ाया, उसके परिवार तक भी बुनियादी सुविधाओं का सम्मान पहुंचेगा।
यह कहानी सिर्फ एक मेडल की नहीं, बल्कि उस हौसले की है जो अभावों में भी आसमान छूने का दम रखता है। जिस बेटी ने पूरे देश का मान बढ़ाया, उम्मीद है कि अब उसके परिवार तक भी बुनियादी सुविधाओं का सम्मान जरूर पहुंचेगा।
