एक को उम्रकैद, दूसरा हुआ था बरी; जमशेदपुर के बिंदल मॉल मुठभेड़ के बाद फिर चर्चा में अमित राय हत्याकांड की कहानी
सोनारी के अमित राय हत्याकांड में मोहन यादव को उम्रकैद की सजा मिली थी, जबकि अजीत मंडल साक्ष्य के अभाव ...और पढ़ें

26 सितंबर को फायरिंग करने के बाद भाग रहे अपराधी। जागरण
HighLights
मोहन यादव को अमित राय हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा।
अजीत मंडल को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी किया।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सोनारी के चर्चित अमित राय हत्याकांड में मुठभेड़ में घायल हुए मोहन यादव को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि उसके साथ घायल अजीत मंडल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था। दोनों पर 6 दिसंबर 2016 को शिवगंगा अपार्टमेंट के पास दिनदहाड़े अमित राय की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की थी।
अमित राय हत्याकांड में मोहन को उम्रकैद, अजीत हुआ था बरी
6 दिसंबर 2016 को सोनारी स्थित शिवगंगा अपार्टमेंट के पास अमित राय की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने अजीत मंडल को भी गिरफ्तार कर उसके पास से पिस्तौल बरामद करने का दावा किया था।
मामले की सुनवाई के बाद 30 जुलाई 2018 को अदालत ने मोहन यादव समेत चार आरोपितों- सुधीर दुबे, कन्हैया सिंह और संजीव गोराई को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। अगले दिन अदालत ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। मोहन यादव को अमित राय की हत्या में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा हुई थी।
वहीं, अजीत मंडल के खिलाफ अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल नहीं रहा। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उसे मामले में बरी कर दिया था। इस तरह अमित राय हत्याकांड में जहां मोहन यादव को उम्रकैद की सजा मिली, वहीं अजीत मंडल को न्यायालय से राहत मिल गई थी।
अब वर्षों बाद सोनारी के बिंदल मॉल के पास फायरिंग मामले में आरोपित मोहन यादव और अजीत मंडल के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद अमित राय हत्याकांड फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने भागने के दौरान हथियार छीनकर फायरिंग का प्रयास किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी।
