चक्रधरपुर, जागरण संवाददाता। झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ पश्चिमी सिंहभूम जिला ईकाई के मांग पत्र को  विधायक सुखराम उरांव ने प्रत्यायुक्त समिति की बैठक में रखा । शिक्षकों की पेंशन स्कीम की विसगतियाें के मामले में विधानसभा की प्रत्यायुक्त समिति ने जो प्रतिवेदन दिया है उसमें उल्लेख है कि झारखंड प्रारंभिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2002 के अनुसार झारखंड लोक सेवा आयोग रांची के द्वारा राज्य के प्रारंभिक विद्यालय में सहायक शिक्षकों की नियुक्ति हेतु वर्ष 2002 में विज्ञापन प्रकाशित किया गया तथा परीक्षा आयोजित कर परीक्षाफल का प्रकाशन वर्ष 2003 में किया गया।

उच्च न्यायालय द्वारा डब्लूपीसी  संख्या- 5701 / 2003 झारखंड बेरोजगार प्राथमिक शिक्षक संघ, देवघर - बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक 25 नवंबर 2002  को पारित न्यायादेश के आलोक में झारखंड लोक सेवा आयोग , रांची द्वारा अभ्यर्थियों की नियुक्ति उनके शैक्षणिक / प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन संबंधित संस्थान से कराये जाने के उपरांत ही शिक्षक के पद पर करने संबंधी दिशा निदेश विभागीय पत्रांक 404 दिनांक 16 पफरवरी 2004 के द्वारा दिया गया । इस कारण कारण सभी जिलों द्वारा प्रमाण पत्र के सत्यापन के उपरांत ही विभिन्न चरणों में नियुक्ति पत्र निर्गत किया गया जिससे मेधा क्रमांक भंग हो गया एवं एक ही अनुशंसा से प्राप्त अभ्यर्थियों की नियुक्ति की तिथि भिन्न- भिन्न हो गई । प्रथम अनुशंसा में अनेक अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने के कारण शेष विज्ञापित रिक्तियों के विरुद्ध द्वितीय अनुशंसा विभाग को उपलब्ध कराई गई, जिसके आधार पर वर्ष 2005-2006 तक प्रमाण पत्र के सत्यापन के उपरांत नियुक्तियों की गई ।

वित्त विभाग द्वारा दिसम्बर, 2004 एवं उसके उपरांत नियुक्त सरकारी सेवकों को नई पेंशन योजना से आच्छादित किया गया, जिसके कारण एक ही अनुशंसा के आधार पर नियुक्त कतिपय कर्मी पुरानी एवं कुछ नई पेंशन योजना में आ गए । उच्च न्यायालय द्वारा डब्लूपीएस  1352 / 2007 के आलोक में प्रथम अनुशंसा से नियुक्त शिक्षकों ( जिनकी नियुक्ति में विलंब हेतु वे स्वयं जिम्मेवार नहीं हो एवं प्रमाण पत्र के सत्यापन के कारण विलंब से नियुक्त हुए ) को परिकल्पित नियुक्ति तिथि दिनांक 22 दिसंबर 2003 से देते हुए पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित किया गया । एलपीए संख्या 756 / 2018 एवं 235 / 2004 में पारित न्यायोदश के अनुरूप वर्ष 2003 की नियुक्ति परीक्षा के द्वितीय अनुशंसा जो वर्ष 2005 में प्राप्त हुई, के आधार पर नियुक्ति तिथि से किसी भी शिक्षक को यह लाभ देय नहीं होगा एवं वे नई पेंशन नियमावली से आच्छादित होंगे । इस संबंध में अधिसूचना संख्या 281 दिनांक -24.02.2021 द्वारा निर्णय लिया जा चुका है।

इस पर विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि अगली बैठक में इस पर पुनः चर्चा होगी। उस बैठक में कार्मिक व वित्त विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। अगली बैठक 8 नवंबर को होने वाली है।

Edited By: Rakesh Ranjan