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जमशेदपुर MGM कॉलेज में पढ़ाई और उपस्थिति की डिजिटल निगरानी: तैयार होगा मेडिकल छात्रों का ऑनलाइन प्रोफाइल

Published: Wed, 05 Aug 2026 08:00 AM (IST)

जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में अब एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई और उपस्थिति की डिजिटल निगरानी होगी। एनएमसी के निर्देशों पर फेस बायोमीट्रिक सिस्टम लागू होगा।

कॉलेज प्रबंधन ने NMC के निर्देशों के अनुरूप फेस बायोमीट्रिक आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं।

कॉलेज प्रबंधन ने NMC के निर्देशों के अनुरूप फेस बायोमीट्रिक आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं।

HighLights

  1. फेस बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम से उपस्थिति दर्ज।

  2. एनएमसी सीधे छात्रों की गतिविधियों पर रखेगा नज़र।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज में अब एमबीबीएस (MBBS) छात्रों की पढ़ाई और उपस्थिति पूरी तरह से डिजिटल निगरानी के दायरे में आने वाली है। 
 
कॉलेज प्रबंधन ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के निर्देशों के अनुरूप फेस बायोमीट्रिक आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
 
इस नई पारदर्शी व्यवस्था के लागू होते ही प्रत्येक छात्र को एक यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जाएगी। इसके माध्यम से छात्र की कॉलेज परिसर में मौजूदगी, कक्षाओं में उपस्थिति और लाइब्रेरी में बिताए गए समय का पूरा डेटा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। 
 

तैयार होगा छात्रों का डिजिटल प्रोफाइल 

इस रिकॉर्ड पर न केवल कॉलेज प्रशासन, बल्कि एनएमसी भी सीधे नजर रखेगा। नई व्यवस्था के तहत एमबीबीएस के प्रत्येक छात्र का एक व्यापक डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। 
 
इसमें छात्र की व्यक्तिगत जानकारी, फेस बायोमीट्रिक डेटा, उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियां और अन्य जरूरी विवरण सुरक्षित रहेंगे। कॉलेज प्रशासन और एनएमसी दोनों के पास इन आंकड़ों का सीधा एक्सेस होगा। 
 

क्लास से लेकर लाइब्रेरी तक डिजिटल मॉनिटरिंग 

जिससे किसी भी समय छात्रों की अकादमिक गतिविधियों की सटीक समीक्षा की जा सकेगी। फेस बायोमीट्रिक सिस्टम शुरू होने के बाद छात्रों को कॉलेज परिसर में प्रवेश करने से लेकर कक्षाओं और लाइब्रेरी तक में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। 
 
इससे यह स्पष्ट रिकॉर्ड रहेगा कि छात्र ने प्रतिदिन कितनी देर कॉलेज में समय बिताया, कितनी कक्षाओं में भाग लिया और लाइब्रेरी में कितना अध्ययन किया। 
 
यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड और डिजिटल होगी, जिससे फर्जी उपस्थिति और प्रॉक्सी अटेंडेंस जैसी समस्याओं पर पूरी तरह से प्रभावी रोक लग सकेगी।
 

एनएमसी (NMC) सीधे करेगा निगरानी

देश में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए एनएमसी लगातार तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में लागू होने जा रही यह प्रणाली इसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
 
इससे मेडिकल कॉलेजों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और छात्रों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित होगी। एमजीएम कॉलेज प्रबंधन ने इस सिस्टम को स्थापित करने के लिए जरूरी तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। 
 
इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होते ही सभी छात्रों का बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उन्हें डिजिटल आईडी जारी कर दी जाएगी।   

एनएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप फेस बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे छात्रों की उपस्थिति, अनुशासन और शैक्षणिक गतिविधियों की पारदर्शी निगरानी संभव होगी तथा मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी।  

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डॉ. संजय कुमार, प्रिंसिपल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज

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