MGM medical college में एक क्लिक पर मिलेंगे 15 हजार से अधिक ई-जर्नल, 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' योजना से जुड़ा संस्थान
एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर अब 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' योजना के तहत नेशनल मेडिकल लाइब्रेरी से जुड़ गया है।

जमशेदपुर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों, शिक्षकों और छात्रों को 15,000 से अधिक ई-जर्नल और ई-पुस्तकों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे चिकित्सा शिक्षा आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनेगी।
HighLights
15,000 से अधिक ई-जर्नल, ई-पुस्तकों तक सीधी पहुंच।
चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण बनाएगा यह कदम।
जासं, जमशेदपुर। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई और शोध के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी सुविधा की शुरुआत हुई है।
अब मेडिकल से जुड़ी महत्वपूर्ण किताबें, अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र और प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल्स पढ़ने के लिए अलग-अलग वेबसाइटों या संस्थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
कॉलेज प्रशासन ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' योजना के तहत संस्थान को नेशनल मेडिकल लाइब्रेरी, नई दिल्ली से जोड़ दिया है।
इसके माध्यम से उपयोगकर्ताओं को 15 हजार से अधिक ई-जर्नल और मेडिकल ई-पुस्तकों तक सीधी पहुंच मिल गई है। कॉलेज परिसर में इस डिजिटल लाइब्रेरी का उपयोग भी शुरू कर दिया गया है।
आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनेगी मेडिकल शिक्षा
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी की यह सुविधा मेडिकल शिक्षा को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि डॉक्टरों और विद्यार्थियों को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए शोध, उपचार की आधुनिक पद्धतियों और गंभीर बीमारियों से संबंधित नवीनतम जानकारियां एक ही क्लिक पर आसानी से मिल सकेंगी।
इससे मरीजों के बेहतर इलाज में भी नई चिकित्सा जानकारियों का प्रभावी उपयोग करने में मदद मिलेगी।
पीजी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगा विशेष लाभ
इस आधुनिक डिजिटल सुविधा का सीधा लाभ चिकित्सा पदाधिकारियों, शिक्षकों, स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों और एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को मिलेगा।
विशेष तौर पर पीजी विद्यार्थियों को अपनी थीसिस, शोध पत्र (रिसर्च पेपर) और अकादमिक प्रोजेक्ट तैयार करने में अत्यधिक सहूलियत होगी।
उन्हें किसी भी बीमारी पर दुनिया भर में हो चुके पूर्व शोध, उसके परिणामों और उपचार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखने का अनूठा अवसर मिलेगा।
महंगी किताबों और जर्नल्स पर घटेगी निर्भरता
चिकित्सा विज्ञान से जुड़ी कई प्रतिष्ठित किताबें और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स इतने महंगे होते हैं कि हर विद्यार्थी के लिए व्यक्तिगत रूप से उन्हें खरीद पाना संभव नहीं होता।
इस डिजिटल लाइब्रेरी के शुरू होने से संस्थान से जुड़े सभी उपयोगकर्ताओं को बड़ी संख्या में उच्चस्तरीय शैक्षणिक संसाधन मुफ्त में उपलब्ध होंगे। इससे न सिर्फ पढ़ाई का दायरा विस्तृत होगा, बल्कि आर्थिक बाधाएं भी दूर होंगी।
कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर हो रहे मेडिकल अनुसंधान से जोड़ेगा।
इससे शिक्षकों को अध्यापन में, विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में और डॉक्टरों को अपने चिकित्सीय ज्ञान को निरंतर अपडेट रखने में काफी सहायता मिलेगी।