जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : आर्थराइटिस (गठिया) कई तरह के होते हैं। इसमें एक रूमेटाइड आर्थराइटिस भी है, जो हाथ-पांव को टेढ़ा कर देता है।

उक्त बातें शनिवार को कोलकाता अपोलो हॉस्पिटल के डॉ. एसएस चटर्जी ने कहीं। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गठिया रोग पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर डॉ. एसएस चटर्जी ने कहा कि रूमेटाइड आर्थराइटिस महिलाओं में अधिक होता है। इस समस्या में सूजन, बुखार, जोड़ों में तेज दर्द सहित अन्य लक्षण दिखाई देते हैं। वैसे तो यह समस्या बढ़ती उम्र के साथ-साथ होती है लेकिन अनियमित दिनचर्या और गलत खान-पान के कारण कम उम्र की महिलाओं में रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या देखने को मिल रही है।

डॉ. एसएस चटर्जी ने कहा कि इम्यून सिस्टम प्रोटीन, बायोकेमिकल्स और कोशिकाओं से मिलकर बनता है, जो कि शरीर को बीमारियों से बचाते हैं। कभी-कभी इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी होने के कारण शरीर में मौजूद प्रोटीन खत्म होने लगता है, जिस कारण रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या पैदा हो जाती है। वैसे तो यह समस्या ज्यादातर जोड़ों में होती है लेकिन सावधानी और सही इलाज न करने के कारण यह फेफड़ों को भी अपनी चपेट में ले लेता है। उन्होंने कहा कि 100 में एक पुरुष को यह बीमारी होती है वहीं महिलाओं में 100 में दो से तीन महिलाओं को यह बीमारी होती है। रूमेटाइड आर्थराइटिस के लक्षण में तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, थकान, शरीर के कमजोरी, भूख कम लगना सहित अन्य शामिल है।

इस अवसर पर डॉ. निर्मल कुमार, डॉ. हीरालाल मुर्मू, डॉ. अरूण कुमार, डॉ. दिवाकर हांसदा, डॉ. आलोक रंजन, सन हेल्थ क्लिनिक के धर्मेद्र प्रसाद, इप्का के सीनियर एरिया बिजनेस मैनेजर पवन कुमार विश्वकर्मा, एमआर विशाल बर्ष सहित अन्य उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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