जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : शनिवार की रात को पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के छात्र डरे हुए हैं। इसी डर का असर है कि कॉलेज का हॉस्टल लगभग खाली हो चुका है। अधिकतर छात्र पुलिस के डर से हॉस्टल छोड़ घर चले गए हैं। इस वजह से कॉलेज में 2016 बैच के पांचवे सेमेस्टर की फार्माकोलॉजी विषय की इंटरनल परीक्षा भी रद कर दी गई है। अब यह परीक्षा बाद में ली जाएगी। इधर कॉलेज प्रबंधन ने भी मामले में इंटरनल जांच को कमेटी बना ली है।

बहरहाल, छात्रों के हॉस्टल से चले जाने के कारण सोमवार को मेस भी बंद कर दिया गया। मेस चलाने वाली कल्पना बेरा ने कहा कि बीते 27 वर्षो में पहली बार ऐसा देखा गया कि अचानक से सभी छात्र हॉस्टल छोड़कर चले गए। --

क्या हुआ था शनिवार की रात

पुलिस उलीडीह थाने के पास सड़क पर वाहन चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान एमजीएम के छात्र अल्टो कार से जा रहे थे। उन्हें पुलिस ने रुकने का इशारा किया। वे नहीं रुके। इसपर उलीडीह थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार और दरोगा पंकज सिंह स्कार्पियो में पीछा करते एमजीएम हॉस्टल (डिमना) तक जा पहुंचे। स्कार्पियो कैंपस में घुसा दी। छात्रों को मारने लगे। इसके बाद हॉस्टल के छात्रों ने दोनों (पुलिसकर्मियों) पर हमला कर दिया। दोनों की पिटाई कर दी। इसके बाद बंधक बना लिया। उन्हें छुड़ाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

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ड्यूटी में तैनात था आरोपित डॉक्टर, आइसीयू में चल रहा इलाज

पुलिस ने जिस जूनियर डॉक्टर को आरोपित बताकर गिरफ्तार किया है उसका नाम डॉ. ऋषभ कुमार है। फिलहाल ब्लड प्रेशर हाई व अन्य शिकायतों की वजह से उसे आइसीयू विभाग में भर्ती किया गया है। ऋषभ का पुलिस की कस्टडी में इलाज चल रहा है। ऋषभ ने बताया कि शनिवार की रात वह इमरजेंसी विभाग में ड्यूटी कर रहा था। तभी रात करीब एक बजे जूनियर छात्रों ने फोन किया कि हॉस्टल में कोई बाहरी व्यक्ति घुस आए है। तभी मैं गया। मालूम होता कि पुलिस है तो मैं नहीं जाता।

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गलत ढंग से रह रहे जूनियर डॉक्टरों को खाली करना होगा क्र्वाटर

घटना को लेकर सोमवार को एमजीएम कॉलेज में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। ये टीम पूरे प्रकरण की जांच करेगी और 15 दिनों के अंदर प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौपेंगी। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. नीतिन मदन कुलकर्णी ने प्रिंसिपल से रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद निर्णय लिया गया कि हॉस्टल में कई वैसे छात्र भी रह रहे हैं जिनकी पढ़ाई पूरी हो गई है। इसके बाद भी वह हॉस्टल में रह रहे है। इसमें जूनियर डॉक्टर शामिल है। उनलोगों को तत्काल क्र्वाटर खाली कराने का निर्णय लिया गया है। बैठक में प्रिंसिपल डॉ. एसी अखौरी, चीफ वार्डन डॉ. आरके मदान, वार्डन डॉ. उमाशंकर सिन्हा, हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस बड़ाईक, डॉ. एके लाल, डॉ. शाहिर पॉल, डॉ. विनिता सहाय, डॉ. सौरव चौधरी, डॉ. एएन मिश्रा (पूर्व प्राचार्य) सहित अन्य डॉक्टर उपस्थित थे।

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गिरफ्तारी के डर से फरार हुए नामजद जूनियर डॉक्टर

मारपीट मामले में उलीडीह थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार के बयान पर एमजीएम थाना में ऋषभ कुमार, महेश, कुणाल, शशिकांत, आलोक व 30-40 अन्य मेडिकल छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने ऋषभ कुमार (वासुमति नगर, भागलपुर रोड गोड्डा) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे इलाज के लिए पुलिस कस्टडी में एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं एमजीएम पुलिस ने नामजद अन्य चार आरोपित महेश, कुणाल, शशिकांत, आलोक की गिरफ्तारी के लिए हास्टल को खंगाला, लेकिन सभी आरोपित फरार हो गए। एमजीएम थाना प्रभारी ने बताया कि नामजद आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

Posted By: Jagran

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