जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : मानगो क्षेत्र की नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुए आठ माह होने को है, लेकिन पुलिस का अनुसंधान पूरा नहीं हो पाया है। दुष्कर्म पीड़िता ने बताया कि मैं अब हताश हो चुकी हूं। जब मेरा जीवन नर्क बन गया है। अब आरोपितों को सजा दिलाना ही जिंदगी का मकसद रह गया है। पीडि़ता ने बताया कि अब तक थाना, डीएसपी, एसपी, डीआइजी, आइजी, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री से लेकर हाई कोर्ट तक में न्याय की गुहार लगा चुकी हूं, लेकिन नामजद आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़िता ने कहा कि यदि तत्कालीन पटमदा डीएसपी तथा एमजीएम थाना के थानेदार का नार्को टेस्ट कराया जाए तो सारा मामला सामने आ जाएगा। इस मामले की जांच क्राइम इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआइडी) कर रहा है। अब कब तक सच्चाई सामने आएगी, यह तो ऊपर वाला ही जाने। पीड़िता ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश के एक माह बाद सीआइडी जांच शुरू हुई। इसके बाद सात सितंबर 2018 को सीआइडी ने पीड़िता की मां का बयान दर्ज किया। पीड़िता की मां के बयान पर ही मानगो थाना में 19 जनवरी, 2018 को मामला दर्ज कराया गया था। जिसमें पीड़िता की मां ने कहा था कि मेरी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने के बाद अश्लील वीडियो बनाकर देह व्यापार कराया गया।

जमशेदपुर का हाईप्रोफाइल मामला: यह जमशेदपुर का बड़ा चर्चित मामला रहा है। वर्दी पर दाग की वजह से शुरू से ही पीड़िता को न्याय का सवाल मुंह बाये खड़ा है। पीड़िता मुख्यमंत्री से मिली थी और उनसे न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री ने इस बाबत निर्देश भी दिए थे। लेकिन पीड़िता अब भी न्याय पाने को लेकर हताश है।

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