जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) में निवेश करने वाले आम आदमी का पैसा डूबने वाला है। इसकी चेतावनी 15 सितंबर को जारी हुई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्टैटिकल हैंडबुक में दी गई है।

 एलआइसी से 29 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। एक लाख 12 हजार कर्मचारी हैं। पूरे देश में 10 लाख 72 हजार एजेंट हैं। इसकी एसेट वैल्यू 21.11 लाख करोड़ रुपये है। देश की आजादी से लेकर 2014 तक की सरकारों ने एलआइसी से जितने रुपये नहीं निकाले थे, उससे कहीं अधिक 11.9 लाख करोड़ रुपये एनडीए सरकार ने निकाल लिए। इस पैसे को सरकार ने सिक इंडस्ट्रीज और सिक बैंकों में लगा दिए। इस पैसे का ऐसा दुरुपयोग हुआ कि एलआइसी के निवेश का जो ग्रोथ रेट 73 प्रतिशत हुआ करता था, आज मात्र 20 प्रतिशत रह गया है। डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू शनिवार को तिलक पुस्तकालय बिष्टुपुर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

देश की आर्थिक स्थिति बदतर हो गई 

डॉ. बलमुचू ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो गई है। देश में 3.5 लाख परिवार बेरोजगार हो गए हैं। आर्थिक ढांचा खोखला हो गया है। इसके बावजूद यह सरकार केवल डूबने और डुबाने वाला काम कर रही है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि कभी भी कुछ भी हो सकता है। प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि पाकिस्तान कटोरा लेकर घूम रहा है, जबकि असलियत ये है कि भारत की अर्थव्यस्था उससे भी बदतर होने की स्थिति आ गई है। 

हर हाल में लड़ूंगा घाटशिला से चुनाव 

विपक्षी दलों के गठबंधन के सवाल पर डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि सकारात्मक माहौल में बातचीत होगी और गठबंधन की पूरी संभावना बन रही है। ऐसी स्थिति में गठबंधन घाटशिला से चुनाव लडऩे के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर हाल में चुनाव लड़ूंगा। घाटशिला से झामुमो एक बार चुनाव जीता है। मैं वहां से कई बार विधायक रह चुका हूं। जिलाध्यक्ष बदले जाने के सवाल पर कहा कि जहां भी गड़बडिय़ां है, उसे ठीक किया जाएगा। सारी स्थितियों से हाईकमान को अवगत करा  दिया गया है। 

सरकार ने अच्छा काम किया तो आशीर्वाद यात्रा की क्या जरूरत 

मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा पर कटाक्ष करते हुए डॉ. बलमुचू ने कहा कि जब इतना अच्छा काम रघुवर सरकार ने किया है तो आशीर्वाद यात्रा की जरूरत क्यों। जब काम किया है तो आशीर्वाद मिलेगा, लेकिन मुख्यमंत्री बिना काम किए ही आशीर्वाद मांगने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। मुख्यमंत्री की यात्रा घाटशिला से आगे नहीं गई, मुसाबनी लौट आई।

कम से कम एनएच तो देख लेते मुख्यमंत्री

 बातचीत में डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू पे कहा कि कम से कम मुख्यमंत्री को एनएच तो देख लेना चाहिए था। क्यों रूट बदल दिया। डबल इंजन की सरकार के मुख्यमंत्री एनएच पर चलने से भी डरने लगे हैं। बलमुचू ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षा और स्वास्थ्य को बेंचमार्क बताकर आशीर्वाद मांग रहे हैं। राज्य में 15 हजार स्कूल बंद हो गए। 60 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं। राज्य में डॉक्टर हैं ही नहीं। रघुवर सरकार को जनता समझ चुकी है। पत्रकार वार्ता में जितेंद्र सिंह, चिन्ना राव, शिबू सिंह, राकेश साहू, परविंदर सिंह, रजनीश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे। 

Posted By: Vikas Srivastava

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