जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड को पुनर्जीवित करने का मामला नेशनल कंपनी लॉ अपीलिएट ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के कोलकाता बेंच में चल रहा है। वहीं, कंपनी को आवंटित 177 एकड़ जमीन किसकी है, यह मामला झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इन सबके बीच नया मामला सामने आया है।

इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कर्मचारी भगवती सिंह की ओर से कोलकाता हाईकोर्ट के अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व में जुस्को) के एमडी को एक लीगल नोटिस भेजा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जुस्को कंपनी ने इंकैब इंडस्ट्रीज को आवंटित जमीन में से तीन एकड़ से अधिक जमीन पर बिना किसी अधिकार के कब्जा कर लिया है जिसकी वर्तमान बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसी मामले को लेकर अखिलेश श्रीवास्तव ने जुस्को एमडी को लीगल नोटिस भेजा है।

 ये मामले भी हैं शामिल

  • जुस्को प्रबंधन ने बिना किसी अनुमति या पर्याप्त अधिकार के इंकैब इंडस्ट्रीज के तीन एकड़ जमीन पर कब्जा कर उसमें सार्वजनिक सड़क का निर्माण कर दिया।
  • जुस्को प्रबंधन ने सड़क निर्माण के लिए क्रिकेट मैदान, क्लब हाउस की चारदीवारी सहित अन्य क्वार्टरों को ध्वस्त कर दिया।
  • जुस्को प्रबंधन ने इंकैब इंडस्ट्रीज कारखाना के मुख्य द्वार के सामने एक डिवाइडर का निर्माण कर दिया है। जबकि मुख्य द्वार के सामने का क्षेत्र ट्रकों और अन्य दूसरे वाहनों के अस्थायी पार्किंग के लिए उपयोग में लाया जाता था। जहां वाहनों की जांच के बाद उसे कंपनी में प्रवेश की अनुमति दी जाती थी।

30 दिनों में स्थिति पूर्ववत करने की मांग

अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने अपने लीगल नोटिस में जुस्को प्रबंधन पर इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड की संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण, आपराधिक अतिचार और आपराधिक दुर्विनियोजन सहित दिन के उजाले में डकैती जैसे आपराधिक कृत्य करने का आरोप लगाया है। लीगल नोटिस में अखिलेश ने जुस्को प्रबंधन को 30 दिनों के भीतर इंकैब की जमीन को पूर्व की तरह बहाल करने और पर्याप्त क्षतिपूर्ति देने की मांग की है। नहीं तो कंपनी के सभी निदेशक और कंपनी, दोनो के खिलाफ आपराधिक व दीवानी मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। अखिलेश ने उक्त मामले की शिकायत पूर्वी सिंहभूम के जिला उपायुक्त सूरज कुमार से भी की है।

 

Edited By: Rakesh Ranjan