जमशेदपुर, जेएनएन। झारखंड में बेटियों के लिए सरकार ने गुरुवार से बड़ी योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के नाम से शुरू इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कोल्हान प्रमंडल के चाईबासा से किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे को साकार करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू योजना का लाभ कैसे और किसे मिलेगा आइए जानिए।

इस योजना का मकसद स्कूलों में ड्रॉप आउट रोकने और बाल विवाह प्रथा का अंत करना भी है। विगत तीन जनवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य योजना अंतर्गत मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की स्वीकृति दी गई थी। इसे राष्ट्रीय बालिका दिवस के दिन शुरू किया गया। शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बेटियों को खूब पढ़ाए और आगे बढ़ाए। सरकार का वादा है कि बेटियों के लालन-पालन और शिक्षा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।

इस तरह मिलेगा लाभ

-बेटी के जन्‍म पर 5 हजार रुपये

-पहली कक्षा में दाखिले पर 5 हजार रुपये

-5वीं पास करने पर 5 हजार रुपये

-8वीं कक्षा पास करने पर 5 हजार रुपये

-10 वीं कक्षा पास करने पर 5 हजार रुपये

-12 पास करने पर 5 हजार रुपये

-18 साल की आयु पूरी करने पर 10 हजार रुपये

शादी के लिए मिलेंगे 30 हजार अलग से

मुख्‍यमंत्री सुकन्या योजना के तहत मिलने वाली राशि के अतिरिक्त शादी के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत अलग से 30 हजार रुपये मिलेंगे। इससे शादी के वक्त आर्थिक तंगी नहीं होगी।

झारखंड के 27 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का लाभ झारखंड के 27 लाख परिवारों को मिलेगा। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का लाभ सामाजिक, आर्थिक, जातीय जनगणना में पिछड़े पाए गए परिवारों को मिलेगा। 72 हजार सालाना से कम आए वाले परिवार की बच्चियों को 18 साल की उम्र तक छह बार सहायता मिलेगी। एसइसीसी 2011 की सूची में शामिल परिवार एवं अंत्योदय कार्डधारकों को योजना का लाभ मिलेगा।

कहां लाभ लेने के लिए संपर्क

योजना का लाभ लेने के लिए निकटतक आंगनबाड़ी केंद्र, प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और जिला समाज कल्‍याण पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

... तो बीच में रुक सकती मदद

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत झारखंड सरकार बेटियों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए समय-समय पर वित्तीय सहायता देगी। यह योजना मुख्यमंत्री कन्यादान और लाडली लक्ष्मी योजना की जगह लेगी। इसके तहत बेटी के जन्म, पहली कक्षा, छठी कक्षा, नौंवी कक्षा और 11 वीं कक्षा में नामांकन के समय और 18 वर्ष पूरे होने पर अगल-अलग किश्तों में पैसे सीधे डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे। हां, इसमें शर्त जुड़ा होगा कि 18 वर्ष पूरे होने तक बिटिया की शादी नहीं हो। तय आयु से पूर्व शादी की सूचना पर बीच में ही मदद रोक दी जाएगी।

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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