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जेएससीए अंडर-14 ट्रायल: पिच पर बल्ला घुमाने से पहले देनी होगी कागजी परीक्षा, उम्र जांच के लिए टीडब्ल्यू-3 बोन डेंसिटी टेस्ट

Published: Mon, 26 Oct 2026 10:02 AM (IST)

जेएससीए ने अंडर-14 क्रिकेट ट्रायल 2026-27 के लिए दस्तावेज़ जमा करने का अंतिम अवसर दिया है, जो 27 से 29 ...और पढ़ें

जेएससीए अंडर-14 ट्रायल के लिए कीनन स्टेडियम में 27 से 29 अक्टूबर तक अंतिम मौका।

जेएससीए अंडर-14 ट्रायल के लिए कीनन स्टेडियम में 27 से 29 अक्टूबर तक अंतिम मौका।

HighLights

  1. अंडर-14 ट्रायल के लिए दस्तावेज़ जमा करने का अंतिम अवसर।

  2. 27-29 अक्टूबर तक जमशेदपुर में होगा दस्तावेज़ सत्यापन।

  3. आयु धोखाधड़ी रोकने को डिजिटल फाइलें, बोन डेंसिटी टेस्ट।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। मैदान में चौके-छक्के लगाने का ख्वाब संजोए शहर के नन्हे क्रिकेटरों के लिए अब पहला इम्तिहान 22 गज की पट्टी पर नहीं, बल्कि टेबल पर सजे कागजों के बीच होना है। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) ने आगामी सत्र 2026-27 के अंडर-14 क्रिकेट ट्रायल की दहलीज पर खड़े उन सभी खिलाड़ियों को अंतिम चेतावनी दे दी है, जिनके जरूरी दस्तावेज अब तक अधूरे हैं।


जेएससीए सचिव सौरभ तिवारी और स्कूल, क्लब व संस्थान प्रतिनिधि डी उमा राव ने दो टूक स्पष्ट कर दिया है कि 27, 28 और 29 अक्टूबर को जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स स्थित जेएससीए दफ्तर में सुबह 10:30 से शाम पांच बजे तक कागजात जमा करने की आखिरी खिड़की खुली रहेगी। जो खिलाड़ी इस निर्धारित मियाद में अपनी प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके लिए चयन ट्रायल के दरवाजे सीधे बंद हो जाएंगे।

पेन ड्राइव में डिजिटल ब्योरा लाना जरूरी

कागजी खानापूर्ति में किसी भी तरह की हीलाहवाली न हो, इसके लिए संघ ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। अभिभावकों को अपने साथ डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र, पीवीसी आधार कार्ड, पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों (2023-24, 2024-25 व 2025-26) की स्कूल अंक तालिकाएं, विद्यालय का वर्तमान मूल बोनाफाइड प्रमाण पत्र और माता या पिता का मतदाता पहचान पत्र लेकर पहुंचना होगा।

सिर्फ मूल दस्तावेज दिखाना काफी नहीं होगा, बल्कि इन सभी अभिलेखों की पीडीएफ फाइल एक पेन ड्राइव में सुरक्षित कर जमा करना भी अनिवार्य किया गया है।

उम्र के फर्जीवाड़े पर कड़ा डिजिटल पहरा

इस सख्त कवायद के पीछे बीसीसीआइ और जेएससीए का उम्र फर्जीवाड़े के खिलाफ चल रहा जीरो टॉलरेंस अभियान है। अक्सर आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में जाली दस्तावेजों के सहारे ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों के उतरने से वास्तविक बाल प्रतिभाओं का हक मारा जाता रहा है।

इसी विसंगति को मिटाने के लिए दस्तावेजों की त्रिस्तरीय जांच के बाद आगे चलकर आधुनिक टीडब्ल्यू-3 बोन डेंसिटी टेस्ट भी कराया जाएगा। साफ है कि क्रिकेट संघ अब सफेद जर्सी उन्हीं को पहनाएगा, जो उम्र और हुनर दोनों में सौ फीसदी खरे होंगे।

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